दिल्ली में पीएम मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक साझेदारी, समुद्री सहयोग और आपसी संबंधों को नई मजबूती देने पर सहमति बनी।
नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत और सेशेल्स के बीच कूटनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच सोमवार को अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों को भारत और सेशेल्स के संबंधों को नया आयाम देने वाला माना जा रहा है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया और रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने जाने पर पैट्रिक हर्मिनी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ओर से वह उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद यह हर्मिनी की पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने भारत-सेशेल्स संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता अतीत, वर्तमान और भविष्य तक फैला हुआ है। समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार के रूप में सेशेल्स, भारत की महासागर से जुड़ी रणनीतिक सोच का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि भारत और सेशेल्स के बीच जमीन, समुद्र और हवा—तीनों क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह यात्रा एक ऐतिहासिक वर्ष में हो रही है, क्योंकि सेशेल्स अपनी आजादी के 50 वर्ष और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के भी 50 वर्ष पूरे कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवसर दोनों देशों को साझेदारी की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करेगा।
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