लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसलों से नाराज विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में, संसद का बजट सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है।
संसद का बजट सत्र लगातार हंगामे और राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तमाम प्रयासों के बावजूद सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अब विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इससे संसद के भीतर चल रहा गतिरोध और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का अंश सदन में पढ़ने की अनुमति मांगी। स्पीकर ओम बिरला द्वारा इसकी अनुमति न दिए जाने के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया और विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब भारत–अमेरिका व्यापार समझौते और जनरल नरवणे की किताब में बताए जा रहे गलवान संघर्ष के संदर्भों ने राजनीतिक बहस को तीखा कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष नियमों और सदन की गरिमा का हवाला दे रहा है।

बीते एक सप्ताह से भारी शोर-शराबे और हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बाधित रही है। आज सुबह 11 बजे संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले सुबह 10 बजे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में विपक्षी दलों की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
संसद के भीतर चल रहे इस राजनीतिक संग्राम के बीच, राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने के बयान ने बाहर भी सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण का समापन 13 फरवरी को होना है, लेकिन उससे पहले संसद सुचारु रूप से चल पाएगी या नहीं, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।
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