गाजियाबाद जनपद की तीनों तहसीलों—मोदीनगर, सदर और लोनी में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 190 शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में केवल 15 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका। सबसे ज्यादा शिकायतें मोदीनगर तहसील में पहुंचीं।
शासनादेश के तहत प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवस के क्रम में शनिवार को जनपद गाजियाबाद की तीनों तहसीलों—मोदीनगर, सदर और लोनी में समाधान दिवस आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देशानुसार आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 190 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मौके पर केवल 15 शिकायतों का निस्तारण किया जा सका।
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, नगर निगम, नगर पालिका और अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

मोदीनगर तहसील में सबसे ज्यादा शिकायतें
मोदीनगर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री कुमार सौरभ ने की।
इस दौरान तहसील परिसर में सुबह से ही फरियादियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
लोग भूमि विवाद, अवैध कब्जे, बिजली-पानी, सड़क, पुलिस कार्रवाई और सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचे।
मोदीनगर तहसील में कुल 106 शिकायतें प्राप्त हुईं, जो जनपद में सबसे अधिक रहीं।
हालांकि इनमें से मौके पर केवल 3 शिकायतों का ही समाधान किया जा सका।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी मोदीनगर, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

सदर तहसील में 55 शिकायतें पहुंचीं
सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री विकास कश्यप की अध्यक्षता में किया गया।
यहां भी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
सदर तहसील में कुल 55 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
इस दौरान एसडीएम श्री अरुण दीक्षित, नगर निगम के अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।
लोनी तहसील में भी पहुंचीं कई शिकायतें
लोनी तहसील में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन श्री अवनीश और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी लोनी श्री दीपक सिंघनवाल ने संयुक्त रूप से की।
यहां कुल 29 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया।
कार्यक्रम में तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, नगर पालिका और अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
लोनी क्षेत्र से पहुंचे लोगों ने मुख्य रूप से जलभराव, अवैध निर्माण, राजस्व विवाद और स्थानीय समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं।

जनता ने रखीं अपनी समस्याएं
सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों ने प्रशासन के सामने विभिन्न समस्याएं रखीं।
इनमें प्रमुख रूप से—
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भूमि विवाद
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अवैध कब्जा
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बिजली और पानी की समस्या
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सड़क निर्माण
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पुलिस शिकायतें
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सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना
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पेंशन और राशन कार्ड संबंधी समस्याएं शामिल रहीं।
कई लोगों ने अधिकारियों से शिकायतों के शीघ्र समाधान की मांग की।
मौके पर निस्तारण पर प्रशासन का जोर
समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण करना होता है।
हालांकि 190 शिकायतों के मुकाबले केवल 15 मामलों का मौके पर समाधान होना कई सवाल भी खड़े कर रहा है।
इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और तय समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश
समाधान दिवस के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए।
विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।
शासन की प्राथमिकता बना समाधान दिवस
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस को आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से लोग सीधे अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकते हैं।
गाजियाबाद में आयोजित इस समाधान दिवस में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि बड़ी संख्या में लंबित शिकायतें यह भी संकेत दे रही हैं कि जिले में जन समस्याओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं।
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