लखनऊ स्थित SGPGIMS में वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती ईंधन चुनौतियों के बीच साइकिलिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतीकात्मक साइक्लोथॉन आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन समेत वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों ने रैली में हिस्सा लेकर पेट्रोलियम संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
वैश्विक ऊर्जा संकट और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) ने ईंधन संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की है।
संस्थान ने परिसर के भीतर कम दूरी के आवागमन के लिए मोटर चालित वाहनों के उपयोग को कम करने और साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को “प्रतीकात्मक साइक्लोथॉन” का आयोजन किया।
यह आयोजन न केवल ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने के लिए किया गया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक ब्लॉक से शुरू हुई साइकिल रैली
शनिवार, 16 मई 2026 को सुबह 9 बजे आयोजित इस साइक्लोथॉन की शुरुआत संस्थान के निदेशक कार्यालय स्थित प्रशासनिक ब्लॉक से हुई।
रैली संस्थान परिसर के विभिन्न प्रमुख हिस्सों से होकर गुजरी। इसमें पुरानी ओपीडी, संस्थान का गेट नंबर-2, ईएमआरटीसी, एडवांस्ड डायबिटिक सेंटर और पीएमएसएसवाई ब्लॉक शामिल रहे।
इसके बाद रैली वापस प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने ऊर्जा संरक्षण और फिटनेस को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
निदेशक समेत कई वरिष्ठ डॉक्टर हुए शामिल
इस साइक्लोथॉन में SGPGIMS के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर आर.के. धीमन ने स्वयं भाग लिया। उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता, डीन डॉ. शालीन कुमार, नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय धीराज तथा एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. गौरव अग्रवाल भी शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त वित्त अधिकारी शशि भूषण सिंह तोमर, संयुक्त निदेशक प्रशासन प्रकाश सिंह, कई संकाय सदस्य, अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी भी रैली में शामिल हुए।
वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील से प्रेरित पहल
संस्थान प्रशासन के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील के अनुरूप की गई है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे समय में पेट्रोलियम उत्पादों का संरक्षण और वैकल्पिक परिवहन साधनों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
इसी उद्देश्य से SGPGI ने अपने परिसर में मोटर वाहनों के सीमित उपयोग और साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
सार्वजनिक परिवहन और साइकिलिंग को बढ़ावा देने की अपील
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि जहां तक संभव हो, छोटी दूरी के लिए साइकिल और दैनिक यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का उपयोग कम करें तो इससे ईंधन की बड़ी बचत हो सकती है।
इसके अलावा इससे पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी और लोगों की जीवनशैली अधिक स्वस्थ बन सकेगी।

स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित साइकिलिंग न केवल शरीर को फिट रखती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।
SGPGI प्रशासन का कहना है कि यह पहल संस्थान परिसर के वातावरण को बेहतर बनाने में भी सहायक होगी। कम मोटर वाहन चलने से ध्वनि और वायु प्रदूषण कम होगा, जिससे मरीजों, छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
साथ ही यह पहल लोगों को शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
ऊर्जा संरक्षण को लेकर बढ़ी जागरूकता
देश और दुनिया इस समय ऊर्जा संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों की चुनौती का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बड़े संस्थानों द्वारा ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदम समाज में सकारात्मक संदेश दे रहे हैं।
SGPGI की यह पहल भी लोगों को यह संदेश देने का प्रयास है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण संभव है।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी पहल
SGPGI द्वारा आयोजित यह साइक्लोथॉन अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी और निजी संस्थान इसी तरह साइकिलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें तो न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को फायदा मिलेगा।
ऊर्जा संकट और बढ़ती महंगाई के दौर में SGPGI की यह पहल एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।
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