मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान संघर्ष तेजी से भड़कता जा रहा है। इजरायल ने तेहरान पर बड़े हवाई हमले करते हुए युद्ध के ‘नए चरण’ की घोषणा की है, वहीं ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाब दिया है। अमेरिका भी सैन्य शक्ति बढ़ाने की तैयारी में है।
मिडिल ईस्ट में युद्ध का नया और खतरनाक मोड़
मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और अधिक खतरनाक मोड़ ले चुका है। इजरायल ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि यह युद्ध अब एक “नए चरण” में प्रवेश कर चुका है। इसी के साथ ईरान की राजधानी तेहरान पर भीषण हवाई हमले किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता बढ़ गई है।
शुक्रवार को इजरायल और अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। इन हमलों में तेहरान और उसके आसपास के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना के मुताबिक यह कार्रवाई ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।
“आगे और भी चौंकाने वाली घटनाएं होंगी”
इजरायली सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने एक टेलीविजन बयान में कहा कि युद्ध अब नए चरण में पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाली घटनाएं सामने आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने इन योजनाओं का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में संघर्ष और अधिक व्यापक हो सकता है।
अमेरिका ने भी दिखाई सैन्य ताकत
ईरान के खिलाफ चल रहे इस अभियान में अमेरिका भी सक्रिय भूमिका निभाता नजर आ रहा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य शक्ति में भारी बढ़ोतरी की जा रही है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल ‘एरिक’ कुरिल्ला ने दावा किया कि अमेरिकी B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर्स द्वारा किए गए सटीक हमलों ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इन हमलों में ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया, जहां 2000 पाउंड तक के भारी बम गिराए गए। इसके परिणामस्वरूप ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में लगभग 90 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
ईरान का पलटवार और नई चेतावनी
इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि ईरान लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और जल्द ही ऐसे उन्नत हथियार इस्तेमाल किए जाएंगे जिन्हें अभी तक संघर्ष में नहीं देखा गया है।
ईरान ने दावा किया है कि उसके ड्रोन और मिसाइल हमले दुश्मनों के खिलाफ जारी रहेंगे।

फारस की खाड़ी और बहरीन में बढ़ा खतरा
संघर्ष का असर फारस की खाड़ी क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ईरानी ड्रोन कैरियर जहाज में आग लग गई है, जिसे अमेरिकी या इजरायली हमले में नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसके अलावा बहरीन की राजधानी मनामा में भी कई धमाकों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरपोर्ट इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण भारी धुआं उठता देखा गया।
बताया जा रहा है कि बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय होने के कारण यह इलाका ईरान के निशाने पर है।
इजरायली दूतावास पर भी ड्रोन हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के एक सुसाइड ड्रोन ने बहरीन फाइनेंशियल हार्बर स्थित एक हाई-राइज बिल्डिंग को निशाना बनाया, जहां इजरायली दूतावास मौजूद है। हालांकि अभी तक इस हमले को लेकर बहरीन सरकार या इजरायल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
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