प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायसीना हिल्स स्थित ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया। अब प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय यहीं से संचालित होंगे।
देश की प्रशासनिक संरचना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया। अब यहीं से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय संचालित होंगे।
प्रधानमंत्री ने नए परिसर में ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया। यह नाम देवनागरी लिपि में परिसर की दीवार पर अंकित है, जिसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य लिखा गया है। शुक्रवार शाम चार बजे कैबिनेट बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को औपचारिक रूप से ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित किया जाएगा।

यह कदम एक युग के अंत का प्रतीक माना जा रहा है, क्योंकि 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक अब खाली हो जाएंगे। इससे पहले गृह मंत्रालय लुटियंस दिल्ली के रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से बाहर स्थानांतरित हो चुका है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में मील का पत्थर है और आधुनिक, कुशल, सुलभ एवं जन-केंद्रित शासन प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम है। सेवा तीर्थ में वे सभी प्रमुख कार्यालय एकीकृत किए गए हैं जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित हैं। सरकार की योजना नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदलने की है, जो भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाला विश्व स्तरीय संग्रहालय होगा।
2014 के बाद से सरकार ने औपनिवेशिक प्रतीकों से दूरी बनाने के तहत राजपथ का नाम कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग और केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम कर्तव्य भवन रखा है।
COMMENTS