भोपुरा गांव के किसानों ने वर्षों से लंबित 6% प्लॉट के मुद्दे पर विकास प्राधिकरण से अंतिम समाधान की मांग की है। 10 मार्च 2026 को निर्णायक वार्ता की चेतावनी दी गई है।
12 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन अंबावता के पदाधिकारियों और भोपुरा गांव के किसानों ने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री नंदकिशोर कलाल से उनके निर्धारित समय पर मुलाकात कर 6% प्लॉट के लंबे समय से लंबित मुद्दे को उठाया। किसानों ने अपनी वर्षों पुरानी पीड़ा और कानूनी अधिकार की मांग को मजबूती से रखा।
उपाध्यक्ष ने किसानों से 10 दिन का समय मांगते हुए कहा कि 6% प्लॉट के लिए समिति का गठन किया गया है और उन्होंने पूरी फाइल पढ़ ली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्लॉट दिए जाएंगे, लेकिन कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। इस अस्पष्ट और अनिश्चित जवाब से किसान संतुष्ट नहीं हुए और अधिकारियों पर टालमटोल का आरोप लगाया।

किसानों का कहना है कि यह मामला कई वर्षों से लंबित है और हर नए अधिकारी के आने पर फाइल फिर शुरुआती स्थिति में पहुंच जाती है। उल्टा किसानों को ही दोषी ठहराया जाता है, जबकि वे लगातार अपने हक के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगाते रहे हैं।
जिलाध्यक्ष अमित कसाना ने स्पष्ट कहा कि अब गुमराह करने की नीति स्वीकार नहीं होगी। किसानों ने निर्णय लिया है कि 10 मार्च 2026 को अंतिम वार्ता होगी। यदि उस दिन लिखित और संतोषजनक समाधान नहीं मिला, तो किसान अपनी जमीनों को घेरने और भोपुरा चौक पर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और विकास प्राधिकरण की होगी।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज यादव, युवा प्रदेश अध्यक्ष अमित यादव, मेरठ मंडल अध्यक्ष संदीप बंसल, मंडल उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष अमित कसाना सहित नरेंद्र मुखिया, अशोक दरोगा, अशोक कुमार और विक्रम कसाना समेत अनेक किसान उपस्थित रहे।
COMMENTS