लखनऊ और अन्य शहरों में हालिया अग्निकांडों के बाद गौतमबुद्ध नगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और वैध पंजीकरण की जांच की जा रही है। ताजा कार्रवाई में सेक्टर-149 और सेक्टर-49 स्थित दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया, जबकि कई अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जनपद गौतमबुद्ध नगर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अग्नि सुरक्षा मानकों और वैध पंजीकरण की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को प्रशासनिक टीम ने कई कोचिंग सेंटरों की जांच की। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम लगातार जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच कर रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता न किया जाए।

20 कोचिंग संस्थानों की हुई जांच
अभियान के तहत बुधवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान संस्थानों के पंजीकरण अभिलेख, भवन संबंधी अनुमतियां, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि निरीक्षण में 12 कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इन संस्थानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण और वैध दस्तावेज उपलब्ध मिले। हालांकि छह संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिसके चलते उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सेक्टर-149 का ओम एजुकेशन कोचिंग सेंटर सील
जांच के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई सेक्टर-149 स्थित ओम एजुकेशन कोचिंग सेंटर पर की गई। निरीक्षण में पाया गया कि संस्थान के पास आवश्यक पंजीकरण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा भवन का अग्निशमन विभाग से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
प्रशासन ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए तत्काल प्रभाव से कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सेक्टर-49 का बसु कोचिंग सेंटर भी बंद
इसी क्रम में सेक्टर-49 स्थित बसु कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। जांच में यह संस्थान भी वैध पंजीकरण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए इस संस्थान को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य कोचिंग संचालकों में भी हलचल देखी गई और कई संस्थानों ने अपने सुरक्षा दस्तावेजों की समीक्षा शुरू कर दी है।
दो संस्थान मिले बंद, नोटिस जारी
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-49 स्थित विक्टर कोचिंग सेंटर तथा सेक्टर-149 स्थित साई विनायक इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज बंद पाए गए। अधिकारियों ने दोनों संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे दो दिनों के भीतर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए या दस्तावेजों में कोई कमी पाई गई तो इन संस्थानों के विरुद्ध भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

होटल और गेमिंग जोन को भी चेतावनी
अभियान केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं है। सेक्टर-104 में स्थित एक होटल और एक गेमिंग जोन का भी निरीक्षण किया गया। यहां अग्निशमन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पाए जाने पर संबंधित संचालकों को चेतावनी जारी की गई और जल्द से जल्द सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
116 संस्थान पहले ही प्रशासन के निशाने पर
जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान पिछले कई सप्ताह से लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, अस्पताल और हाईराइज सोसायटियों सहित विभिन्न संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।
अब तक कुल 116 संस्थानों को सुरक्षा मानकों और वैधानिक नियमों में कमियां पाए जाने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 56 संस्थानों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी कमियों को दूर कर लिया है।
वहीं 21 संस्थानों के खिलाफ परिवाद दाखिल किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया अभी जारी है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में देशभर में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण बड़े हादसे हुए। इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना वैध पंजीकरण, बिना अग्निशमन एनओसी अथवा सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना संचालित होने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि जनपद में संचालित सभी संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करें और छात्रों व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में और भी संस्थानों की जांच होने की संभावना है, जिससे नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
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