गौतमबुद्धनगर के थाना सूरजपुर पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, 5-6 बाइकों के पार्ट्स, दो अवैध चाकू और करीब 18 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर और नोएडा-ग्रेटर नोएडा से बाइक चोरी कर उन्हें काटकर पार्ट्स के रूप में बेचता था।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सूरजपुर पुलिस ने गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिलें, भारी मात्रा में मोटरसाइकिलों के पार्ट्स तथा दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार 23 जून 2026 को थाना सूरजपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि वाहन चोरी करने वाला एक सक्रिय गिरोह गुलिस्तानपुर अंडरपास क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूर्या उर्फ मोहन, दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के दौरान इनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें और दो अवैध चाकू बरामद हुए।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उनकी निशानदेही पर एलजी गोलचक्कर के पास स्थित जंगल क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से चोरी की 10 और मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इसके अलावा करीब पांच से छह मोटरसाइकिलों के अलग-अलग पार्ट्स भी बरामद किए गए।

बरामद पार्ट्स में हैंडिल, टायर, टंकी, शॉकर, इंजन, चेसिस और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जे शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह चोरी की गई मोटरसाइकिलों को कुछ दिन छिपाकर रखता था और बाद में उन्हें काटकर अलग-अलग पार्ट्स में बेच देता था।
दिल्ली-एनसीआर में फैला था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल गौतमबुद्धनगर तक सीमित नहीं था। आरोपी दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों में सक्रिय थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय सेक्टरों में खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वाहन को तुरंत दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया जाता था ताकि मालिक या पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
कबाड़ी बना चोरी के धंधे का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी आसिफ पेशे से कबाड़ी है। वह चोरी की मोटरसाइकिलों को काटने और उनके पुर्जों को अलग-अलग बेचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
पुलिस का मानना है कि चोरी किए गए वाहनों के इंजन, चेसिस, टायर और अन्य पार्ट्स को कबाड़ी बाजारों और अनधिकृत मैकेनिकों तक पहुंचाया जाता था। इससे चोरी की गई बाइक की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

कम उम्र में अपराध की दुनिया
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच है। इनमें से कुछ आरोपियों की शिक्षा बेहद सीमित है जबकि कुछ 10वीं और 12वीं तक पढ़े हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई आरोपी पहले से वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी लंबा
मुख्य आरोपी सूर्या उर्फ मोहन के खिलाफ आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता भी पूर्व में विभिन्न आपराधिक मामलों में नामजद रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन सभी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह कोई नया गिरोह नहीं बल्कि लंबे समय से सक्रिय संगठित अपराधी नेटवर्क है।

पुलिस ने जिन 12 मोटरसाइकिलों को बरामद किया है, उनमें बुलेट, हीरो स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, हीरो होंडा और हीरो करिज्मा जैसी लोकप्रिय मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट मौजूद थीं जबकि कई बाइकों की नंबर प्लेट हटा दी गई थी ताकि उनकी पहचान न हो सके।
थाना सूरजपुर पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच यह भी की जा रही है कि चोरी के पार्ट्स किन-किन लोगों को बेचे गए और क्या इस नेटवर्क में अन्य राज्यों के अपराधी भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है और संबंधित थानों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वाहन स्वामियों के लिए चेतावनी
पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपनी मोटरसाइकिल सुरक्षित स्थानों पर खड़ी करें, अतिरिक्त लॉकिंग सिस्टम का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सूरजपुर पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। बरामदगी और गिरफ्तारी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
COMMENTS