नोएडा सेक्टर-24 पुलिस ने टूर पैकेज के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए ‘रेंजर्स क्लब’ कंपनी के तीन डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पर्यटन मंत्रालय के फर्जी दस्तावेज, नकली मोहरें, विजिटिंग कार्ड और अन्य सामान बरामद हुआ है।
नोएडा पुलिस ने टूर पैकेज के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-24 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए “रेंजर्स क्लब” नामक कंपनी के तीन डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को आकर्षक टूर पैकेज का लालच देकर पैसा वसूलते थे और बाद में वादे के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पर्यटन मंत्रालय के फर्जी आई कार्ड, नकली समझौता ज्ञापन (MOU), फर्जी मोहरें, विजिटिंग कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी और एक क्रेटा कार बरामद की है।
सेक्टर-32 मॉल से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार 08 मई 2026 को थाना सेक्टर-24 नोएडा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-32 स्थित एक मॉल में छापेमारी की। यहां से “रेंजर्स क्लब” कंपनी चलाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
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इमरान खान पुत्र मोहम्मद शकील खान, निवासी सौरभ विहार, नई दिल्ली, उम्र 32 वर्ष।
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अभय कुमार पुत्र संजय कुमार सिंह, निवासी सेक्टर-48 नोएडा, मूल निवासी श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश, उम्र 35 वर्ष।
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शैलेन्द्र सिंह पुत्र अरुण सिंह, मूल निवासी बलिया, हाल निवासी सेक्टर-75 नोएडा, उम्र 38 वर्ष।
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी कंपनी के डायरेक्टर थे और मिलकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
ऐसे फंसाते थे लोगों को
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को सस्ते और आकर्षक टूर पैकेज का लालच देते थे। इसके लिए सोशल मीडिया, कॉलिंग और मीटिंग्स के जरिए ग्राहकों को प्रभावित किया जाता था।
आरोपियों ने बताया कि वे ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए “मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया” के नाम पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज दिखाते थे। नकली आई कार्ड, फर्जी समझौता पत्र और नकली मोहरों का इस्तेमाल कर लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी कंपनी सरकार से अधिकृत है।
इसके बाद ग्राहकों से लाखों रुपये तक एडवांस बुकिंग राशि ली जाती थी। लेकिन भुगतान के बाद ग्राहकों को वादा की गई सुविधाएं नहीं दी जाती थीं।
करोड़ों की ठगी का कबूलनामा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई लोगों के साथ इसी तरह धोखाधड़ी की और करोड़ों रुपये की कमाई की।
आरोपियों ने बताया कि उनके बैंक खातों में जमा रकम भी इसी ठगी से अर्जित की गई थी।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल्स और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
पुलिस को क्या-क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया।

बरामदगी में शामिल:
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पर्यटन मंत्रालय के 03 फर्जी आई कार्ड
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180 फर्जी विजिटिंग कार्ड
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14 फर्जी मोहरें
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15 फर्जी समझौता ज्ञापन (MOU) दस्तावेज
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03 मोबाइल फोन
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एक क्रेटा कार (DL 9 CBC 5583)
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₹7100 नकद
पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।
कई धाराओं में केस दर्ज
मामले में थाना सेक्टर-24 नोएडा में मुकदमा संख्या 209/2026 दर्ज किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ:
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धोखाधड़ी,
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कूटरचना,
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फर्जी दस्तावेज तैयार करने,
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और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े साइबर या ट्रैवल फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी टूर पैकेज को बुक करने से पहले कंपनी की वैधता और सरकारी मान्यता की जांच जरूर करें। केवल आकर्षक ऑफर और भारी छूट देखकर पैसे जमा न करें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी ट्रैवल कंपनियां आजकल नकली सरकारी दस्तावेजों और डिजिटल प्रचार का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से जाल में फंसा रही हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।
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