जनपद गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मसाला निर्माण इकाइयों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया। विभिन्न प्रतिष्ठानों से 18 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि एक इकाई में आवश्यक दस्तावेज न मिलने पर भारी मात्रा में मसाला सामग्री सीज कर दी गई।
गौतमबुद्ध नगर में आम लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मसाला निर्माण इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अचानक छापेमारी कर नमूने एकत्र किए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। इस कार्रवाई के दौरान एक प्रतिष्ठान में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न होने पर हजारों किलोग्राम मसाला सामग्री को भी सीज कर दिया गया।
यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के निर्देश पर चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले मसाले और अन्य खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न किया जा सके।
जेवर की मसाला फैक्ट्री में बड़ी कार्रवाई, हजारों किलो सामग्री सीज
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा ने जेवर तहसील के जहांगीरपुर स्थित एसपीआर स्पाइसेस एंड सीज़निंग प्राइवेट लिमिटेड की मसाला पैकिंग इकाई का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान यहां से खुली कश्मीरी मिर्च का एक नमूना, खुली हल्दी पाउडर का एक नमूना तथा पैक्ड हल्दी पाउडर का एक नमूना संग्रहित किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि लगभग 199 किलोग्राम खुली कश्मीरी मिर्च और 2479 किलोग्राम हल्दी पाउडर बाहर से पैकिंग के लिए मंगाया गया था, लेकिन मौके पर उससे संबंधित निर्माण एवं खरीद के आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं थे।
दस्तावेजों के अभाव को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पूरी सामग्री को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र की अन्य खाद्य इकाइयों में भी हड़कंप मच गया।
नोएडा सेक्टर-57 की मसाला निर्माण इकाई से लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. पाण्डेय ने सेक्टर-57 स्थित टुडे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की मसाला निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां से हल्दी साबुत और हल्दी पाउडर के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
अधिकारियों के अनुसार इन नमूनों की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पाद गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
कासना की फैक्ट्री से लाल मिर्च और धनिया के नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह ने कासना स्थित काव्यम फूड्स मसाला निर्माण इकाई में जांच अभियान चलाया। यहां से लाल मिर्च पाउडर, साबुत लाल मिर्च, धनिया पाउडर और साबुत धनिया के एक-एक नमूने लिए गए।
मसालों में मिलावट और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए इन नमूनों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

इकोटेक-3 में भी हुई जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने इकोटेक-3 स्थित के डी फूड्स स्पेशलटीज मसाला निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां से खुली लाल मिर्च पाउडर और पैक्ड लाल मिर्च पाउडर के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि खुले और पैक्ड दोनों प्रकार के उत्पादों की गुणवत्ता की अलग-अलग जांच की जाएगी।
सेक्टर-73 में अभि प्योर ब्रांड पर जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने सेक्टर-73 नोएडा स्थित अभि प्योर ब्रांड मसाला निर्माण इकाई में कार्रवाई की। यहां से खुले धनिया पाउडर और पैक्ड धनिया पाउडर के एक-एक नमूने लिए गए।
विभाग का मानना है कि खुले और पैक्ड उत्पादों के बीच गुणवत्ता का अंतर भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है।
इकोटेक-6 में दो प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मालती ने इकोटेक-6 स्थित नुइवी स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां से हल्दी पाउडर और साबुत हल्दी के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।

इसके बाद धर्म पाल सत्यपाल फूड्स लिमिटेड में भी जांच की गई, जहां से साबुत धनिया, खुला धनिया पाउडर तथा पैक्ड धनिया पाउडर के एक-एक नमूने लिए गए।
कुल 18 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
पूरे अभियान के दौरान विभिन्न मसाला निर्माण इकाइयों से कुल 18 नमूने एकत्र किए गए हैं। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिले में संचालित खाद्य एवं पेय पदार्थ निर्माण इकाइयों, गोदामों और विक्रेताओं की नियमित जांच की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं तक केवल सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री ही पहुंचे।
उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता जनपदवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा है और खाद्य पदार्थों में मिलावट या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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