उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में BEL को जमीन आवंटित, 562.5 करोड़ के निवेश से बनेगी रक्षा निर्माण इकाई, सैकड़ों युवाओं को मिलेगा रोजगार।
प्रदेश में रक्षा विनिर्माण को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा।
यह कदम न केवल चित्रकूट डिफेंस नोड के चरणबद्ध और संगठित विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार को भी नई गति देने वाला साबित होगा।
रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की मजबूत एंट्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक सशक्त और विश्वसनीय पहचान दिलाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि
यह परियोजना प्रदेश में उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी
और बुंदेलखंड क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगी।
चित्रकूट नोड की रणनीतिक स्थिति, बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और भौगोलिक अनुकूलता इसे रक्षा उत्पादन के लिए एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।
562.5 करोड़ का निवेश, हाई-टेक यूनिट की स्थापना
इस परियोजना के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा लगभग 562.5 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस निवेश से चित्रकूट में अत्याधुनिक राडार सिस्टम और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिए एक उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।
यह यूनिट न केवल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की तकनीकी क्षमताओं को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इसके अलावा, सहायक उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और पलायन में कमी आएगी।

आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल
सीएम योगी ने इस पहल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन से जोड़ते हुए कहा कि इससे रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना एक मजबूत और एकीकृत रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।
MSME और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा
इस परियोजना के माध्यम से एमएसएमई आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी सहयोग, नवाचार और ज्ञान हस्तांतरण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश में एक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होगा।
‘लैंड ऑफ फेथ’ से ‘लैंड ऑफ इंडस्ट्री’ तक चित्रकूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट अब तक अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भी एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
यह परियोजना पारंपरिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगी।
संतुलित और समावेशी विकास की दिशा
यह पहल न केवल चित्रकूट बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार का नया अध्याय साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह परियोजना उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
चित्रकूट में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत BEL को भूमि आवंटन केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह पहल न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी।
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