उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षा, छात्रवृत्ति योजनाओं और PMJVK परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षा व्यवस्था, विभागीय योजनाओं और लंबित प्रशासनिक मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में विधानसभा कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस बैठक में राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मदरसा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना था।
मदरसा शिक्षा और नियुक्तियों पर गहन चर्चा
बैठक के दौरान मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही विभिन्न आयोगों और बोर्डों में रिक्त पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई।
मंत्री राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी और प्रभावी नियुक्ति प्रक्रिया बेहद आवश्यक है।

छात्रवृत्ति योजनाओं पर विशेष ध्यान
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। मंत्री ने निर्देश दिया कि पात्र छात्रों तक समय पर छात्रवृत्ति पहुंचे और इसमें किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता न हो।
उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
PMJVK परियोजनाओं की प्रगति पर सख्ती
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन 92 परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए ताकि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
बैठक में विभागीय अधिकारियों के खिलाफ लंबित और अनिस्तारित मामलों की भी समीक्षा की गई। मंत्री राजभर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मामलों का शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए जनता को समय पर न्याय और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

नियमावली में संशोधन पर विचार
बैठक के दौरान वक्फ नियमावली और उत्तर प्रदेश मदरसा अरबी-फारसी मान्यता/प्रशासनिक सेवा नियमावली, 2016 में प्रस्तावित संशोधनों पर भी चर्चा हुई।
इन संशोधनों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना तथा शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन प्रस्तावों पर गंभीरता से काम किया जाए और आवश्यक सुधार जल्द लागू किए जाएं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और प्रगति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ काम करना ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस बैठक में प्रमुख सचिव संयुक्ता समाद्दार, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, वित्त एवं लेखा अधिकारी, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक तथा रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को उनके विभागीय कार्यों के प्रति जिम्मेदारी निभाने और सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
यह समीक्षा बैठक उत्तर प्रदेश सरकार की उस रणनीति को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा, विकास और प्रशासनिक सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।
मदरसा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और PMJVK परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता प्रदेश में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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