वाराणसी में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति को कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्होंने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद इतिहास में मिट गए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शिव तांडव, सरोद वादन और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
वाराणसी में सोमवार को आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” और “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” आध्यात्मिकता, संस्कृति और राष्ट्रगौरव का विराट संगम बन गया। श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि “सनातन केवल मंदिर की दीवारों में नहीं, बल्कि भारत की चेतना में बसता है।” उन्होंने विदेशी आक्रांताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मोहम्मद गोरी और औरंगजेब जैसे लोगों ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने का प्रयास किया, लेकिन वे भारत की आत्मा को नहीं तोड़ पाए।
सीएम योगी ने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि “जिन्होंने सनातन को मिटाने का प्रयास किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए। आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं है।” उनके इस बयान पर कार्यक्रम स्थल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।

काशी और सोमनाथ को बताया भारत की चेतना का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सभ्यागत चेतना के दो अमर ज्योति स्तंभ हैं। एक ओर गंगा तट पर स्थित बाबा विश्वनाथ धाम है, जिसने सनातन की आध्यात्मिक धारा को जीवित रखा, तो दूसरी ओर समुद्र तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ महादेव हैं, जिन्होंने भारत के स्वाभिमान और पुनर्जागरण की लौ को प्रज्ज्वलित रखा।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन संस्कृति पर अनेक बार आक्रमण हुए, लेकिन उसे कभी समाप्त नहीं किया जा सका। “विनाश क्षणिक होता है और सृजन शाश्वत,” इस वाक्य के जरिए सीएम योगी ने सनातन की शक्ति और स्थायित्व का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी की पहल का किया उल्लेख
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की अवधारणा साकार होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्प्रतिष्ठा कार्यक्रम, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल महालोक और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ रहा है और सनातन परंपरा से जुड़े तीर्थस्थलों का विकास नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।
“कुछ शक्तियां आज भी विकास नहीं चाहतीं”
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि यही लोग कभी सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा में बाधक बने थे और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी विरोध करते रहे।
सीएम योगी ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का भी उल्लेख किया और कहा कि तत्कालीन सरकार के विरोध के बावजूद वे 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दोनों नेताओं ने सोमनाथ से लाए गए पवित्र जल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर परिसर में शंखध्वनि, डमरू वादन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों नेताओं का भव्य स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सोमनाथ संकल्प महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया। कथक नृत्यांगना अंकिता भट्टाचार्य और उनकी टीम ने शिव तांडव की अद्भुत प्रस्तुति दी। वहीं डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और साथी कलाकारों ने भगवान सोमनाथ की स्तुति प्रस्तुत की।
बनारस घराने के प्रसिद्ध कलाकार अंशुमान महाराज और उनकी टीम ने सरोद वादन से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर दिखाई दिया।
प्रदर्शनी और ‘ॐ जप’ में शामिल हुए अतिथि
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में सामूहिक “ॐ जप” में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ भवन में स्थापित पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना और आरती की। दोनों नेताओं ने “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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