Jewar में आयोजित भूतपूर्व सैनिक सम्मेलन में वीर सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में Dhirendra Singh ने कहा कि सैनिकों का साहस और राष्ट्रभक्ति देश के लिए प्रेरणा है, वहीं Sumit Rana ने सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को अमूल्य बताया।
Jewar में शनिवार, 14 मार्च 2026 को आयोजित भूतपूर्व सैनिक सम्मेलन में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को सम्मानपूर्वक नमन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक, उनके परिवारजन और क्षेत्र के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान देश सेवा में अपना योगदान देने वाले सैनिकों को सम्मानित किया गया और उनके अनुभवों तथा सुझावों को भी सुना गया।
सैनिकों के साहस को नमन
सम्मेलन में उपस्थित जेवर के विधायक Dhirendra Singh ने भूतपूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने अपने पराक्रम और समर्पण से भारत की सुरक्षा को मजबूत बनाया है।
उन्होंने कहा,
“देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले इन वीर जवानों के त्याग और बलिदान के प्रति पूरा हिंदुस्तान सदैव कृतज्ञ रहेगा। उनका जीवन अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है।”
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने यह भी कहा कि भूतपूर्व सैनिक केवल सीमा पर ही नहीं बल्कि समाज में भी अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देने का काम करते हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मातृशक्ति की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम में सैनिकों के साथ उनकी धर्मपत्नी और परिवार की महिलाओं की उपस्थिति ने सम्मेलन को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया।
इस अवसर पर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सैनिकों के साहस और समर्पण के पीछे उनके परिवारों, विशेष रूप से मातृशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने कहा,
“सैनिकों के पीछे खड़ी मातृशक्ति का त्याग, धैर्य और अटूट समर्थन ही उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित करता है। नारी शक्ति परिवार और राष्ट्र दोनों को मजबूती प्रदान करती है।”
सेना के वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिम उत्तर प्रदेश सब एरिया मेरठ के जीओसी मेजर जनरल Sumit Rana उपस्थित रहे।
उन्होंने भी भूतपूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों और उनके परिवारों की भूमिका अमूल्य है।

मेजर जनरल सुमित राणा ने कहा,
“देश की रक्षा केवल सीमा पर खड़े सैनिक ही नहीं करते, बल्कि उनके पीछे खड़े परिवारों का भी उतना ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। समाज को उनके सम्मान और सहयोग के लिए हमेशा आगे आना चाहिए।”
सैनिकों का सम्मान और संवाद
सम्मेलन के दौरान उपस्थित सभी भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही उनके अनुभवों और सुझावों को भी सुना गया ताकि समाज और प्रशासन सैनिकों की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सके।
कार्यक्रम में सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया गया कि देश की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए समाज को हमेशा सजग रहना चाहिए।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक सम्मानित नागरिक, भूतपूर्व सैनिकों के परिवारजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओतप्रोत रहा।
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