अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला उद्यमियों और बेटियों से संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी मंडल की 600 से अधिक महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं।
महिला दिवस पर लखनऊ में दिखी नारी शक्ति की नई तस्वीर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह और ‘पिंक रोजगार महाकुंभ-2026’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति का प्रेरणादायक रूप देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं महिलाओं और बेटियों से संवाद कर उन्हें सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों, छात्राओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान उनका संवेदनशील और आत्मीय रूप भी देखने को मिला, जब उन्होंने मंच पर मौजूद बच्चियों से बातचीत की, उन्हें उपहार दिए और उनके भविष्य के सपनों के बारे में पूछा।
600 से अधिक महिलाओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों की 600 से अधिक महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री से जुड़ीं। इन महिलाओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिले लाभ और अपने आत्मनिर्भर बनने की कहानी साझा की।
वाराणसी की सीता देवी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बनने की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों के ताने सुनने पड़ते थे, लेकिन अब वे खुद भी कमाई कर रही हैं और लगभग 250 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साहस और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं।
योजनाओं से बदली महिलाओं की जिंदगी
गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ, कन्या सुमंगला, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में भी पूछा और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ लेने की सलाह दी।
चंदौली की सोनी कुमारी ने बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें फूलों से अगरबत्ती और इत्र बनाने जैसे वैल्यू एडिशन के माध्यम से आय बढ़ाने के सुझाव दिए।

“इमरती के साथ अब खाऊंगा जौनपुर की नमकीन”
कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पल तब आया जब जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने अपनी सफलता की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने एफपीओ बनाकर किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा है और ड्रोन दीदी के रूप में भी काम कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री भी शुरू की है।
उनकी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब तक तो जौनपुर की इमरती ही प्रसिद्ध थी, लेकिन अब आपकी नमकीन भी मशहूर होगी। अगली बार जौनपुर आऊंगा तो इमरती के साथ आपकी नमकीन जरूर खाऊंगा।” मुख्यमंत्री के इस हल्के-फुल्के अंदाज से पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
बच्चियों के साथ दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय व्यवहार
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी शानवी गुप्ता को मंच पर बुलाकर एक सफेद टेडी बियर भेंट किया और उसे स्नेहपूर्वक गोद में भी लिया। इस दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया और माहौल भावुक हो गया।
मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद कई बच्चियों से पूछा कि वे आगे क्या बनना चाहती हैं और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की नई पहल
इसी अवसर पर लखनऊ में नीति आयोग की पहल ‘वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP)’ का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर भी शुरू किया गया। गोमती नगर स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में स्थापित यह प्लेटफॉर्म महिला उद्यमियों को मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रदेश में महिला उद्यमिता को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी था कि प्रदेश की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।
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