उत्तर प्रदेश में किसानों को मौसम आधारित सटीक जानकारी देने वाली WINDS योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने देरी पर नाराजगी जताई और एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए।
लखनऊ में सोमवार को आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ‘Weather Information & Network Data System (WINDS)’ योजना की प्रगति को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
विधानसभा स्थित समिति कक्ष संख्या 44-ख में हुई इस बैठक में मंत्री ने योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि ब्लैकलिस्टिंग भी की जाएगी।
किसानों के लिए बेहद अहम है योजना
मंत्री शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सटीक और समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए मिलने वाला डेटा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आपदा प्रबंधन और कृषि योजना निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “WINDS योजना केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के हितों से सीधे जुड़ी पहल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ब्लॉक और ग्राम स्तर पर लगेंगे उपकरण
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (AWS) और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑटोमेटिक रेन गेज (ARG) लगाए जाने हैं।
यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से संचालित हो रही है और इसे वर्ष 2024-25 से अगले पांच वर्षों तक लागू किया जाना है।
तय समयसीमा के बावजूद धीमी रफ्तार
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि निर्धारित समयसीमा के बावजूद संबंधित एजेंसियों द्वारा काम बेहद धीमी गति से किया जा रहा है। इस पर मंत्री शाही ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने संबंधित कंपनी को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
30 मई तक पूरा करें पहला चरण
मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित AWS और ARG स्थलों का जल्द से जल्द सत्यापन किया जाए और स्थापना कार्य में तेजी लाई जाए।

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