सीएम डैशबोर्ड की मार्च रिपोर्ट में जिलों की नई रैंकिंग जारी हुई, जिसमें हमीरपुर ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं लखीमपुर खीरी में सीएम योगी ने थारू समाज को बड़ी सौगात देते हुए मुकदमों की वापसी और भूमि अधिकार पत्रों का वितरण किया।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन व्यवस्था को डिजिटल और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट ने प्रदेश के जिलों की प्रदर्शन रैंकिंग जारी कर एक बार फिर प्रशासनिक दक्षता को सार्वजनिक मूल्यांकन के दायरे में ला दिया है।
इस रिपोर्ट में हमीरपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहे। रैंकिंग प्रणाली के तहत प्रदेश के सभी जिलों का मूल्यांकन 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों के आधार पर किया जाता है, जिसमें विकास कार्यों, राजस्व प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे प्रमुख मानक शामिल होते हैं।
हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि बरेली को 9.54 और रामपुर को 9.51 अंक मिले। इसके अतिरिक्त मैनपुरी और हरदोई ने भी शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाई है। वहीं शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी जैसे जिलों ने टॉप टेन में स्थान प्राप्त किया।

सीएम डैशबोर्ड को सरकार ने एक प्रभावी निगरानी उपकरण के रूप में विकसित किया है, जिससे प्रत्येक जिले की कार्यप्रणाली पर निरंतर नजर रखी जा सके। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि इस प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में शासन को अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनाया है।
इसी दिन लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री ने एक बड़े कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने थारू समाज और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए उन परिवारों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वर्षों से लंबित मामलों का समाधान किया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पिछली सरकारों में जिन थारू समाज के लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार अब किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी और समाज के वंचित वर्गों के साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के दौरान 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भूमि अधिकार पत्र प्रदान किए गए। इसके तहत हजारों हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व उन्हें दिया गया, जिससे वे अब कानूनी रूप से अपनी जमीन के मालिक बन गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे “अधिकार से आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की यात्रा” बताया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपये की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में विकास केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित था, जबकि वर्तमान सरकार में हर जिले को समान रूप से विकास का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले “एक परिवार का विकास” होता था, जबकि अब “25 करोड़ लोगों का परिवार” सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश अब माफिया और अराजकता से मुक्त हो चुका है और “एक जिला एक माफिया” की जगह अब “एक जिला एक मेडिकल कॉलेज” और “एक जिला एक पहचान” की नीति पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि असमय बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष के माध्यम से तुरंत सहायता दी जाएगी। साथ ही 24 घंटे के भीतर जनहानि और पशुहानि की स्थिति में सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने थारू समाज को लाभार्थी से उद्यमी बनाने की दिशा में भी योजनाओं की घोषणा की। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण देकर उन्हें बाजार से जोड़ने की योजना पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान थारू जनजाति की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति इस क्षेत्र की पहचान है और इसे संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कुल मिलाकर, सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट और लखीमपुर खीरी की घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि उत्तर प्रदेश में शासन व्यवस्था अब डिजिटल निगरानी, पारदर्शिता और विकास आधारित मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, राजनीतिक रूप से यह बहस भी जारी है कि क्या यह रैंकिंग वास्तविक बदलाव का प्रतिबिंब है या प्रशासनिक प्रदर्शन का एक नया मूल्यांकन ढांचा।
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