दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिला एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने जहांगीर पुरी में एक संगठित ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार सगे भाई-बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाएं, इंजेक्शन, भारी मात्रा में नकदी, करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, सोना-चांदी के आभूषण और एक नई स्कूटी जब्त की है। मामले में एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
राजधानी दिल्ली में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जहांगीर पुरी में सक्रिय बताए जा रहे एक संगठित ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार सगे भाई-बहनों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर पुलिस ने साइकोट्रोपिक दवाओं और नशीले इंजेक्शनों के अवैध भंडारण और सप्लाई का आरोप लगाया है।
इस संयुक्त अभियान में दिल्ली पुलिस के साथ ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम भी शामिल रही। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जहां से प्रतिबंधित दवाएं, इंजेक्शन, भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के आभूषण, अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपी सगे भाई-बहन हैं और सभी जहांगीर पुरी इलाके के निवासी हैं। इनमें पारो (28 वर्ष), उषा (25 वर्ष), कांता (35 वर्ष) और अमित (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पारो के खिलाफ पहले भी एक आपराधिक मामला दर्ज है, जबकि अन्य तीन आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
गुप्त सूचना से शुरू हुई पूरी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार जून 2026 की शुरुआत में एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड को सूचना मिली थी कि उत्तर-पश्चिम जिले के विभिन्न इलाकों में प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट और नशीले इंजेक्शन बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे हैं।
इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सोमिल शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने कई दिनों तक तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क पर नजर रखी। जांच के दौरान पता चला कि जहांगीर पुरी के डी-ब्लॉक स्थित कई मकानों से कथित तौर पर नशीले पदार्थों का भंडारण और वितरण किया जा रहा है।

पहला छापा: प्रतिबंधित टैबलेट और नकदी बरामद
पुलिस ने सबसे पहले डी-177, जहांगीर पुरी स्थित मकान पर छापा मारा। यहां से पुलिस के अनुसार 1300 Addnok-N टैबलेट (Buprenorphine 2 mg एवं Naloxone 0.5 mg), 310 Avil इंजेक्शन, 652 सिरिंज नीडल तथा 1,25,080 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि बरामद Addnok-N टैबलेट एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। बरामद दवाओं का कुल वजन लगभग 268 ग्राम बताया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है।
दूसरा और तीसरा छापा: दूसरे ठिकानों से भी मिला भारी स्टॉक
पूछताछ के दौरान आरोपी उषा ने पुलिस को एक अन्य मकान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डी-191 के ग्राउंड फ्लोर पर छापेमारी कर 25 Avil इंजेक्शन बरामद किए गए।
इसके बाद आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इसी मकान की पहली मंजिल का इस्तेमाल उनके सहयोगी सचिन उर्फ चाणक्य उर्फ कालू कथित तौर पर नशीले इंजेक्शन और टैबलेट रखने के लिए करता था। मकान बंद मिलने पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ताला कटवाकर तलाशी ली।
यहां से 16 डिब्बों में रखे 400 Avil इंजेक्शन, 1880 सिरिंज, तथा 63 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद इंजेक्शन ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने अपने कब्जे में लिए, जबकि नकदी और सिरिंज पुलिस ने जब्त कर लिए।
चौथा छापा: नकदी, जेवर और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले
पूछताछ के दौरान पारो ने पुलिस को अपने भाई अमित के मकान डी-178 के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर अमित को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 20,14,420 रुपये नकद, लगभग 241 ग्राम सोने के आभूषण, करीब 2.4 किलोग्राम चांदी के आभूषण, तथा अन्य मूल्यवान सामान बरामद किया।
बरामद सोने के आभूषणों में हार, चेन, मंगलसूत्र, कंगन, अंगूठियां, कान के झुमके और नथ शामिल हैं। वहीं चांदी के सामान में टैगड़ी, पायल, बिछिया और अन्य आभूषण शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सोने की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 35 लाख रुपये, जबकि चांदी की कीमत लगभग 6.20 लाख रुपये है।

11 फ्लैटों के दस्तावेज भी मिले
जांच के दौरान पुलिस ने पारो के नाम पर लगभग 25-25 वर्ग गज के 11 फ्लैटों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार प्रत्येक फ्लैट की अनुमानित कीमत 12 से 15 लाख रुपये के बीच है।
इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये संपत्तियां किस स्रोत से खरीदी गईं और क्या इनका संबंध कथित ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन से है।
नई स्कूटी भी हुई जब्त
पुलिस ने आरोपी अमित के नाम पर पंजीकृत एक नई TVS N-Torq स्कूटी भी जब्त की है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस का दावा है कि इसे भी अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में जांच के दायरे में रखा गया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पूरे मामले में जहांगीर पुरी थाना में एफआईआर संख्या 377/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 25 और 29 के साथ-साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
फरार सहयोगियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली के विभिन्न इलाकों में एक संगठित नेटवर्क के जरिए साइकोट्रोपिक दवाओं और नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई करते थे। उन्होंने अपने कुछ अन्य सहयोगियों के नाम भी बताए हैं।
पुलिस अब फरार आरोपी चाणक्य समरिया उर्फ सचिन उर्फ कालू समेत अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क के सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
जांच अभी जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राजधानी में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। फिलहाल बरामद संपत्तियों, बैंक लेन-देन, सप्लाई नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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