ग्रेटर नोएडा के बिसरख जलालपुर गांव के किसानों का वर्षों पुराना इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। प्राधिकरण ने 10 किसानों को छह फीसदी योजना के तहत 11 आवासीय भूखंड आवंटित कर दिए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 8 समान आकार के भूखंडों का ड्रा निकाला गया, जबकि 3 अलग आकार के भूखंड सीधे किसानों के नाम किए गए।
ग्रेटर नोएडा में लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे बिसरख जलालपुर गांव के किसानों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। वर्षों से लंबित चल रही छह फीसदी आबादी भूखंड योजना के तहत आखिरकार 10 किसानों को 11 आवासीय भूखंड आवंटित कर दिए गए। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए किसानों की मौजूदगी में ड्रा कराया गया और पूरी कार्यवाही की फोटो एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई।
किसानों के चेहरों पर उस समय खुशी साफ दिखाई दी जब वर्षों के इंतजार के बाद उन्हें उनके भूखंडों का आवंटन पत्र मिला। यह मामला लंबे समय से चर्चा में था और किसान लगातार प्राधिकरण से अपने हक की मांग कर रहे थे।

8 भूखंडों का हुआ ड्रा, 3 का सीधा आवंटन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रक्रिया के दौरान समान आकार वाले 8 भूखंडों का ड्रा निकाला गया। ड्रा प्रक्रिया किसानों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ कराई गई। वहीं, 3 भूखंडों का आकार अलग-अलग होने के कारण उनका ड्रा कराने की जरूरत नहीं पड़ी और उन्हें सीधे संबंधित किसानों के नाम आवंटित कर दिया गया।
इस दौरान प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक नियोजन सुधीर कुमार, प्रबंधक प्रमोद कुमार और प्रबंधक कपिल तोंगड़ मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति पैदा न हो।

लंबे समय से लंबित थी किसानों की मांग
दरअसल, बिसरख जलालपुर गांव की जमीन का अधिग्रहण कई साल पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किया गया था। अधिग्रहण के बाद किसानों को छह फीसदी आबादी भूखंड दिए जाने थे, लेकिन प्रक्रिया लंबे समय तक अधूरी रही। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
गांव के कई किसानों ने बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगाए और अपनी मांग को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की। हाल ही में किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार से भी मुलाकात कर जल्द भूखंड आवंटन की मांग की थी।
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को जल्द से जल्द छह फीसदी आबादी भूखंड उपलब्ध कराए जाएं। इसके बाद नियोजन विभाग और छह फीसदी आबादी भूखंड विभाग ने संयुक्त रूप से प्रक्रिया को तेज किया और अंततः आवंटन पूरा कराया गया।

पारदर्शिता पर रहा विशेष फोकस
प्राधिकरण ने इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया। किसानों की उपस्थिति में ड्रा निकालने के साथ-साथ फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकता है और इसी वजह से हर प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा किया जा रहा है। किसानों ने भी इस पारदर्शी प्रक्रिया पर संतोष जताया और प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया।

अन्य गांवों के किसानों को भी मिलेगा लाभ
प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह ने कहा कि किसानों को छह फीसदी आवासीय भूखंड देना प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल बिसरख जलालपुर ही नहीं, बल्कि अन्य गांवों के पात्र किसानों को भी चरणबद्ध तरीके से आबादी भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उन्हें उनका वैधानिक अधिकार दिलाना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

किसानों में खुशी का माहौल
भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि वर्षों की भागदौड़ और संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें उनका अधिकार मिला है।
किसानों ने उम्मीद जताई कि बाकी लंबित मामलों का भी जल्द समाधान होगा और अन्य पात्र किसानों को भी राहत मिलेगी।
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