नोएडा का लोकेश शर्मा, जो कभी बेलदारी करता था, अब आतंकी साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार। रेलवे और अन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना का खुलासा।
नोएडा का रहने वाला एक साधारण युवक, जिसकी जिंदगी कभी ई-रिक्शा चलाने और मजदूरी तक सीमित थी, आज गंभीर आतंकी साजिश के आरोपों में गिरफ्तार है। यह कहानी है लोकेश शर्मा की—एक ऐसा नाम जो अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के केंद्र में है और जिसने अपने परिवार और गांव को हैरान कर दिया है।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते उत्तर प्रदेश एटीएस ने लोकेश समेत चार आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये लोग विदेशी आकाओं, विशेष रूप से पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के निर्देश पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल थे।
साधारण जिंदगी से संदिग्ध रास्ते तक
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लोकेश पहले ई-रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करता था। लेकिन नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसका ई-रिक्शा जब्त कर लिया। इसके बाद उसने अपने पिता और भाई के साथ बेलदारी का काम शुरू किया।
हालांकि, बीते कुछ महीनों में उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा। वह काम पर जाने से कतराने लगा और अक्सर कहता था कि मजदूरी करने में उसे शर्म आती है। उसके दोस्त उसका मजाक उड़ाते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
यही वह समय था जब वह कथित तौर पर एक खतरनाक नेटवर्क के संपर्क में आया।
सोशल मीडिया से जाल में फंसाने की साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड साकिब नाम का शख्स है, जो सोशल मीडिया के जरिए गरीब और बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था।
साकिब कथित तौर पर युवाओं को पैसों का लालच देकर उन्हें संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता था।
लोकेश को रेलवे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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रेलवे और प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश
एटीएस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाने, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रकों में आग लगाने और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की रेकी करने जैसी साजिशों पर काम कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, लोकेश और उसके साथियों ने कुछ छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम भी दिया था। इन घटनाओं के वीडियो बनाकर वे विदेशी आकाओं को भेजते थे और बदले में मोटी रकम हासिल करने की कोशिश करते थे।
यह पूरी गतिविधि देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है।
एटीएस की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश एटीएस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोकेश समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन सभी को लखनऊ से पकड़ा गया, जहां वे कथित तौर पर किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि ये आरोपी कई शहरों में रेकी कर चुके थे और आने वाले समय में बड़े हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
सख्त कानूनों के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन कानूनों के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
परिवार और गांव में सदमा
लोकेश की गिरफ्तारी से उसका परिवार और गांव स्तब्ध है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक साधारण मजदूर युवक इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
यह घटना इस बात की भी चेतावनी है कि किस तरह सोशल मीडिया और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाया जा सकता है।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि इस गिरोह के तार और भी कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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