नोएडा में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और उद्योग प्रतिनिधियों की अहम बैठक हुई। श्रमिक हितों, सुरक्षा व्यवस्था और अफवाहों पर सख्ती को लेकर कई बड़े निर्देश जारी किए गए।
नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हालिया तनावपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से सेक्टर-06 स्थित नोएडा विकास प्राधिकरण के सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी प्रकार की अशांति या विवाद को समय रहते नियंत्रित करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं, प्रमुख सचिव (श्रम) एम के एस सुंदरम और श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित किया।
सरकार का स्पष्ट संदेश: श्रमिक और उद्योग दोनों सुरक्षित
प्रमुख सचिव (श्रम) एम के एस सुंदरम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक शांति और श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नई श्रम संहिताओं के तहत बड़े प्रावधान
बैठक में बताया गया कि नई श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जा रहे हैं:
- न्यूनतम वेतन की गारंटी
- समयबद्ध एवं पूर्ण वेतन भुगतान
- समान कार्य हेतु समान वेतन
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- कार्य समय का नियमन
- शोषण पर सख्त रोक
- ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा
- ग्रेच्युटी की सुविधा
- गिग और असंगठित श्रमिकों को भी सुरक्षा
इसके अलावा रोजगार सुरक्षा, छंटनी पर मुआवजा, नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश और महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधानों पर भी जोर दिया गया।
अफवाहों पर सख्त रुख
श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने सभी पक्षों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से दूर रहें
उद्योगों को सख्त निर्देश
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिया कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और श्रमिकों के साथ समन्वय बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाना चाहिए।

पुलिस का सख्त एक्शन प्लान
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि:
- औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है
- कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं
- अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
जिलाधिकारी के अहम निर्देश
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि जिला प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने उद्योग प्रबंधन को निर्देश दिए:
- सभी गाइडलाइंस नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाएं
- श्रमिकों को स्पष्ट और सही जानकारी दी जाए
- जो श्रमिक काम करना चाहते हैं, उन्हें किसी प्रकार की बाधा न हो
साथ ही सभी फैक्ट्रियों के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
कंट्रोल रूम की स्थापना
श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
संपर्क नंबर:
1202978231, 1202978232, 1202978862, 1202978702
यह व्यवस्था त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
निरीक्षण और संवाद पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण किया जाए
- श्रमिकों और प्रबंधन के बीच लगातार संवाद बनाए रखा जाए
ताकि किसी भी विवाद को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त किया जा सके।
श्रमिकों से अपील
जिलाधिकारी ने श्रमिकों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करें।
उद्योग जगत की भागीदारी
बैठक में नितिन मल्हन और ललित ठुकराल सहित कई उद्योगपति मौजूद रहे।
इसके अलावा अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार, उप जिलाधिकारी अनुज नेहरा और अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी भी बैठक में शामिल हुए।
नोएडा में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जहां श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी, वहीं कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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