नोएडा में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सूचना छिपाने के आरोप में फेज-2 थाना प्रभारी और एलआईयू कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया। साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा संदेश सामने आया है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए थाना फेज-2 के प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह और एलआईयू आरक्षी प्रतीक कुमार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई कर्मियों के धरना प्रदर्शन की सूचना समय पर उच्च अधिकारियों तक न पहुंचाने के कारण की गई है।
मामले के अनुसार, फेज-2 थाना क्षेत्र में कर्मियों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन की जानकारी समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। इस चूक को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने इसे आदेशों की अवहेलना और सूचना छिपाने की श्रेणी में माना। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले पर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सेक्टर-108 स्थित कार्यालय में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सूचना चाहे छोटी हो या बड़ी, उसे हर हाल में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाना अनिवार्य है। बिना अनुमति या दिशा-निर्देश के किसी भी स्तर पर कार्रवाई करना या सूचना को दबाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस आयुक्त ने कई अन्य थाना प्रभारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और उनके पेंच कसे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश था कि कमिश्नरेट में अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, फेज-2 थाना प्रभारी और एलआईयू आरक्षी की कार्यशैली पहले भी संतोषजनक नहीं पाई गई थी। कर्मियों के विरोध के बावजूद उन्होंने मामले में आवश्यक गंभीरता नहीं दिखाई और सूचना साझा करने में ढिलाई बरती। यही कारण रहा कि उच्च स्तर पर यह मामला सामने आने के बाद सख्त कदम उठाया गया।
इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने तीनों जोन में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं, विशेषकर कार के शीशे तोड़कर चोरी और ट्रांसफार्मर से तेल चोरी की घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में सक्रिय गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब सूचना प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी संकेत मिला है कि कानून-व्यवस्था को लेकर शीर्ष स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत किया जा रहा है।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर सतर्कता बढ़ा दी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सख्ती का असर अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली पर किस तरह पड़ता है।
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