लखनऊ के काकोरी स्थित किशन तेजखेड़ा वृहद गो संरक्षण केंद्र में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौसंरक्षण को राष्ट्रीय और सामाजिक दायित्व बताते हुए पशुपालकों से दूध देना बंद करने वाली गायों को सड़कों पर न छोड़ने की अपील की। कार्यक्रम में पशुधन विकास, डेयरी क्षेत्र, मोबाइल वेटरनरी यूनिट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित काकोरी के किशन तेजखेड़ा वृहद गो संरक्षण केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गौ माता का विधिवत पूजन-अर्चन किया, उन्हें गुड़ और चना खिलाया तथा उपस्थित लोगों को गौसेवा और गौसंरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम केवल सरकार की उपलब्धियों को गिनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पशुधन संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालकों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि गौवंश संरक्षण और पशुपालकों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इस दिशा में केंद्र तथा राज्य सरकार लगातार मिलकर काम कर रही हैं।
अपने संबोधन में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं ने न केवल किसानों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" का मंत्र देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

साथ ही "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की परिकल्पना को भी मजबूती मिल रही है। पशुधन एवं दुग्ध विकास के क्षेत्र में शुरू की गई विभिन्न योजनाएं आज ग्रामीण भारत के आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बन रही हैं।
मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल के परिणामस्वरूप पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसी दिशा में मोबाइल वेटरनरी यूनिट जैसी अभिनव व्यवस्था उत्तर प्रदेश में संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को कुल 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि यदि कोई पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करता है, तो निर्धारित समय के भीतर पशु चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस व्यवस्था से पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य संरक्षण को नई गति मिली है। इससे पशुपालकों की आर्थिक हानि भी कम हो रही है और पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों और पशुपालकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को सड़कों पर छुट्टा छोड़ना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी गायों की उचित देखभाल की जानी चाहिए या उन्हें निकटतम गौशाला में संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गौवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार भी है। गौसंरक्षण सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक प्रतिबद्धता भी है। सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है ताकि गौवंश संरक्षण और संवर्धन को और मजबूत किया जा सके।

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