उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने लखनऊ में निर्माणाधीन राज्य उच्च शिक्षा परिषद भवन का निरीक्षण किया और उच्च शिक्षा निदेशालय के नवनिर्मित कैंप कार्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह भवन प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला केंद्र बनेगा।
उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार तक, सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में निर्माणाधीन उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद भवन का निरीक्षण प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एम.पी. अग्रवाल भी मौजूद रहे। इसके अलावा मंत्री ने उच्च शिक्षा निदेशालय के नवनिर्मित कैंप कार्यालय का लोकार्पण कर उसे विभागीय कार्यों के लिए समर्पित किया।
शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा परिषद भवन
निरीक्षण के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयबद्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि यह भवन केवल एक प्रशासनिक परिसर नहीं होगा, बल्कि प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला साबित होगा। यहां से नीति निर्माण, शैक्षणिक योजना, अनुसंधान प्रोत्साहन और संस्थागत समन्वय को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह नवाचार, शोध, कौशल विकास और रोजगार सृजन का आधार बन चुकी है। ऐसे में मजबूत शैक्षणिक ढांचे का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नई शिक्षा नीति-2020 को मिलेगा मजबूत आधार
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में डिजिटल संसाधनों का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य उच्च शिक्षा परिषद भवन के तैयार होने के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शासन स्तर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे नीतिगत निर्णयों को लागू करने में तेजी आएगी और शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
निदेशालय के नए कैंप कार्यालय का लोकार्पण
निर्माणाधीन भवन के निरीक्षण के बाद मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने उच्च शिक्षा निदेशालय के नवनिर्मित कैंप कार्यालय का फीता काटकर और अनावरण पट्टिका का अनावरण कर औपचारिक लोकार्पण किया।

उन्होंने कहा कि नए कार्यालय के संचालन से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और शासन, निदेशालय, विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा। इससे योजनाओं की समीक्षा, निगरानी और क्रियान्वयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल प्रशासन और आधुनिक कार्यालय व्यवस्था से विभागीय कार्यों की दक्षता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उच्च शिक्षा संस्थानों को बनाया जा रहा नवाचार का केंद्र
अपने संबोधन में योगेन्द्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्रों तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार का लक्ष्य उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं बल्कि व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता भी प्रदान करनी होगी। इसी सोच के तहत आधुनिक अवसंरचना, स्मार्ट प्रशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद विभागीय अधिकारियों ने मंत्री को कैंप कार्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। साथ ही निर्माणाधीन राज्य उच्च शिक्षा परिषद भवन की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और विभागीय गतिविधियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।

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