मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन करते हुए कहा कि समय पर पुलिस भर्ती, बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाओं से प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है।
गोरखपुर से एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुशासन को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है। Yogi Adityanath ने गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में बने दो अत्याधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन करते हुए साफ कहा कि प्रदेश में बेहतर सुरक्षा माहौल यूं ही नहीं बना, बल्कि इसके पीछे वर्षों की सुनियोजित मेहनत और सुधार हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि “सुशासन की पहली शर्त सुरक्षा होती है, और हर नागरिक को यह मिलनी ही चाहिए।”
गोरखनाथ मंदिर को मिली हाईटेक सुरक्षा
गोरखनाथ मंदिर परिसर में बनाए गए इन दो आधुनिक सुरक्षा भवनों को खास तौर पर मंदिर और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है। करीब 9.18 करोड़ रुपये की लागत से बने इन भवनों में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इनमें अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशॉप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने खुद इन सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।

भर्ती और ट्रेनिंग ने बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में हुए बदलावों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस बल में भारी संख्या में पद खाली थे और ट्रेनिंग की क्षमता भी बेहद सीमित थी।
उन्होंने कहा कि बीते 9 वर्षों में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है, जिससे पुलिस बल को मजबूती मिली है।
साथ ही ट्रेनिंग व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव हुआ है। जहां पहले एक समय में सिर्फ 3 हजार पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा सकती थी, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर 60 हजार तक पहुंच गई है।
पहले पुलिस भी आम आदमी जैसी थी”
मुख्यमंत्री ने पुराने समय की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी को उचित ट्रेनिंग और संसाधन नहीं मिलते, तो वह भी एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही होता है।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग और बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि युवाओं में पुलिस सेवा के प्रति आकर्षण कम था।
आवास और सुविधाओं में बड़ा बदलाव
सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों के जीवन स्तर में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस लाइन, थानों या पीएसी में रहने की अच्छी व्यवस्था नहीं थी।
पुलिसकर्मियों को किराए के मकानों में रहना पड़ता था, जिससे कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन अब हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधाएं और बेहतर बैरक उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन सुधारों के चलते अब पुलिसकर्मियों को बेहतर माहौल मिला है, जिससे उनका मनोबल भी बढ़ा है।

अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अब पुलिस को असहाय होने की जरूरत नहीं है। पहले कई बार थानों में अपराधियों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती थी, जिससे वे भाग भी जाते थे।
लेकिन अब थानों में ऐसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे अपराधियों को सुरक्षित तरीके से रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि अब कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता और अगर कोई सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, तो पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ उसका जवाब देगी।
सुरक्षा ही सुशासन की नींव
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा के बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण देना है, ताकि वह बिना डर के अपना जीवन जी सके।
इस अवसर पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल और सरवन निषाद शामिल रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन और एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
गोरखपुर में हुए इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
भर्ती, ट्रेनिंग और बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए पुलिस को मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश में एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल कायम रह सके।
COMMENTS