गाजियाबाद के हिंदी भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमलावती सिंह ने महिलाओं के सशक्तिकरण और भागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सम्मान समारोह और योजनाओं की जानकारी दी गई।
गाजियाबाद में नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में “नारी शक्ति वंदन अभियान” के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में मुख्य अतिथि श्रीमती कमलावती सिंह, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की गरिमामयी उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन महानगर भाजपा, जिला प्रशासन और सूचना विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और छात्राओं ने भाग लिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती कमलावती सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी गतिविधियां
इस अवसर पर कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें महिलाओं की गोद भराई, शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार, पुष्टाहार वितरण और जनपद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का सम्मान शामिल रहा।
इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कई लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया गया, जिससे कार्यक्रम केवल औपचारिक नहीं बल्कि वास्तविक रूप से समाज से जुड़ा हुआ नजर आया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती कमलावती सिंह ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” केवल राजनीतिक आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीति निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
सामाजिक सोच में बदलाव की जरूरत
मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि यह अधिनियम समाज में महिलाओं को लेकर बनी रूढ़िवादी सोच को बदलने में मदद करेगा। इससे महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
सरकार की योजनाओं का जिक्र
कार्यक्रम में महिलाओं के विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, राष्ट्रीय महिला कोष, उत्तर प्रदेश महिला सामर्थ्य योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, विधवा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा रहा है।
“महिलाओं का योगदान हर क्षेत्र में अहम”
कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाओं का योगदान हर क्षेत्र में सराहनीय है—चाहे वह घर हो या कार्यालय।
उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं के हित और देश के विकास के लिए एक सकारात्मक पहल है।
भाजपा नेताओं का आभार
कार्यक्रम के अंत में भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया।

बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में भाजपा महिला पदाधिकारी, महिला पार्षद, कार्यकर्ता, छात्राएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम कर्मचारी, महिला लाभार्थी, ग्राम प्रधान और सैकड़ों की संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान “मोदी जी जिंदाबाद” के नारों से पूरा हिंदी भवन गूंज उठा, जिससे महिलाओं के उत्साह और समर्थन का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।
गाजियाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश था।
सरकार की योजनाओं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास लगातार जारी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन प्रयासों का वास्तविक असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है और क्या महिलाएं वास्तव में निर्णय प्रक्रिया में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा पाती हैं।
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