गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह भीषण हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में स्थित दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। सुबह करीब 6 बजे हुई इस घटना में एक तेज रफ्तार टेंपो ट्रैवलर ने पीछे से एक खड़ी थार गाड़ी और बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए।
सुबह की शांति को चीरती तेज रफ्तार
घटना उस समय हुई जब एक्सप्रेसवे पर सुबह का ट्रैफिक धीरे-धीरे बढ़ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आईपी कॉलेज एग्जिट प्वाइंट के पास एक थार गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी। थार में सवार दो युवक नीचे उतरकर पास में खड़े एक बाइक चालक से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान दिल्ली से मेरठ की ओर जा रही एक 16-सीटर टेंपो ट्रैवलर तेज रफ्तार में आई और अचानक अनियंत्रित होकर सीधे इन तीनों व्यक्तियों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि थार गाड़ी पलट गई और ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मौके पर मची अफरा-तफरी
टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में PRV और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।
मृतकों की पहचान और परिवारों में मातम
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान दीपक (पुत्र हरिवंश लाल), नवीन (पुत्र स्वर्गीय स्वराज कुमार) और योगेश (बाइक चालक) के रूप में हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में नवीन कुमार वर्मा, निवासी बाबरपुर का नाम भी सामने आया है।
मौत की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
सात लोग घायल, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार सात यात्री भी घायल हुए हैं। इनमें से कुछ को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
परिजनों से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली और ट्रैफिक को सामान्य कराया।
हादसे की वजह पर सस्पेंस
प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

इस मामले में टेंपो ट्रैवलर चालक वीरेंद्र का नाम सामने आया है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी का निवासी है और फिलहाल दिल्ली में किराये पर रहता है। कुछ जानकारी के अनुसार उसे हिरासत में लिया गया है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया था।
इस विरोधाभास के चलते पुलिस अब CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
एक्सप्रेसवे पर जाम, फिर सामान्य हुआ यातायात
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया था। कई वाहन घंटों तक फंसे रहे। हालांकि पुलिस की तत्परता से कुछ ही समय में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सामान्य कर दिया गया।
वर्तमान में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है।
बढ़ते हादसे, उठते सवाल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है? क्या वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण है?
विशेषज्ञों की राय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति पर निगरानी बढ़ाने, सख्त चालान प्रणाली लागू करने और ड्राइवरों को जागरूक करने की आवश्यकता है। साथ ही, खड़े वाहनों के लिए सुरक्षित जोन तय करना भी जरूरी है ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत कितनी भारी हो सकती है।
तीन लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की यह घटना कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव छोड़ गई है।
अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाता है या नहीं।
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