लखनऊ को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने भैंसोरा स्थित अत्याधुनिक FCTS प्लांट का उद्घाटन किया। करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में प्रतिदिन 150 टन कूड़े के निस्तारण की क्षमता है। नगर निगम अब पूरे शहर में आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने में जुटा है।
राजधानी लखनऊ को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को शहर को एक और बड़ी सौगात मिली, जब जोन-4 के भैंसोरा क्षेत्र में अत्याधुनिक FCTS प्लांट का उद्घाटन किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इस हाईटेक प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट को लखनऊ की स्वच्छता व्यवस्था के लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है।
रोजाना 150 टन कूड़े के निस्तारण की क्षमता
भैंसोरा स्थित इस FCTS प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसकी क्षमता है। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 150 टन कूड़े के निस्तारण में सक्षम होगा।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक इससे शहर में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और व्यवस्थित होगी।

खासतौर पर भरवारा वार्ड, मल्हौर वार्ड, खरगापुर वार्ड और गोमती नगर विस्तार जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में इसका सीधा फायदा देखने को मिलेगा।
“लखनऊ में कहीं कूड़े के ढेर नहीं दिखने चाहिए” — ए.के. शर्मा
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने साफ कहा कि राजधानी में कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए और रोजाना कूड़े का नियमित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि नगर निगम तकनीक आधारित और पर्यावरण अनुकूल स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि लखनऊ सिर्फ उत्तर प्रदेश की राजधानी नहीं बल्कि प्रदेश की पहचान है। यहां आने वाला हर व्यक्ति शहर की स्वच्छता और हरियाली से प्रभावित होना चाहिए।
स्वच्छता के साथ हरियाली पर भी फोकस
करीब दो एकड़ क्षेत्र में विकसित इस प्लांट परिसर में सिर्फ कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ही नहीं की गई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
परिसर में बड़े स्तर पर ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है और अब तक लगभग 4000 पौधे लगाए जा चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में यह प्लांट सिर्फ वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर नहीं बल्कि एक ग्रीन जोन के रूप में भी विकसित होगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना की एक और बड़ी खासियत यह है कि परिसर में 150 वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था की गई है।
इससे नगर निगम के इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा मिलेगा और डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी और शहर के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान मिलेगा।
51 स्थानों पर विकसित होगा आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम
नगर निगम द्वारा पूरे लखनऊ में बड़े स्तर पर आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार शहर के 8 जोन में कुल 51 स्थानों पर PCTS और FCTS निर्माण के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं।
इनमें —
- 24 स्थानों पर कार्य पूरा हो चुका है
- 15 स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है
- जबकि 12 स्थानों पर जल्द काम शुरू किया जाएगा
इस पूरी योजना के लागू होने के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

जलभराव और नालों की समस्या पर भी काम जारी
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने शहर में जलभराव, नाली और ड्रेनेज समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की।
उन्होंने बताया कि फैजुल्लागंज क्षेत्र में लंबे समय से लंबित नाले का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।
इसके अलावा किला मोहम्मदी नाले का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।
कूड़ा मुक्त शहर बनाने की तैयारी
नगर निगम अब शहर के गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स यानी GVP को खत्म करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
भैंसोरा प्लांट शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों में खुले में कूड़ा जमा होने की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

लखनऊ को स्मार्ट और क्लीन सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम किसी भी शहर के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
ऐसे में लखनऊ में विकसित हो रहे FCTS और PCTS प्लांट आने वाले समय में राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को नई पहचान दे सकते हैं।
सरकार और नगर निगम का लक्ष्य साफ है —
एक ऐसा लखनऊ…
जहां साफ सड़कें हों…
हरियाली हो…
और कहीं भी कूड़े के ढेर नजर न आएं।
अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले महीनों में यह आधुनिक सिस्टम राजधानी की तस्वीर को कितना बदल पाता है।
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