लखनऊ में बन रही नौसेना शौर्य वाटिका अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसकी भव्य शुरुआत करेंगे। भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से तैयार यह संग्रहालय नौसेना की वीरता, तकनीकी शक्ति और पराक्रम की अनोखी झलक पेश करेगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जल्द ही भारतीय नौसेना के पराक्रम और गौरव की ऐतिहासिक गाथा का साक्षी बनने जा रही है। सीजीसीटी परिसर में तैयार हो रही नौसेना शौर्य वाटिका अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसके भव्य लोकार्पण की तैयारियां तेज हो गई हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार देर शाम निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय और शौर्य वाटिका का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
30 मई को होगा भव्य लोकार्पण
नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण 30 मई 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे।
इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और पर्यटन विभाग के अधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। सुरक्षा से लेकर तकनीकी व्यवस्थाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“यह सिर्फ पार्क नहीं, वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि है”
निरीक्षण के दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक पार्क नहीं बल्कि देश की रक्षा करने वाले नौसैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग भारतीय नौसेना के साहस, अनुशासन और पराक्रम को करीब से महसूस कर सकेंगे। यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बनेगा।

जयवीर सिंह ने कहा कि राजधानी लखनऊ के लिए यह परियोजना किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार भी जताया।
गोमती पोत बनेगा मुख्य आकर्षण
नौसेना शौर्य वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का गौरवशाली युद्धपोत “गोमती” होगा। INS गोमती ने लगभग 34 वर्षों तक देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा की और 28 मई 2022 को इसे सेवा से रिटायर किया गया था।
अब इस युद्धपोत से जुड़े कई वास्तविक उपकरण संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें —
- लंगर
- AK-726 मीडियम रेंज तोप
- CET-53M पनडुब्बी अवरोध
- ZIF-101 लॉन्चर
- कैपस्टन ड्रम
- मुख्य मस्तूल
- जहाज के प्रोपेलर
जैसे उपकरण शामिल हैं।
इन सभी उपकरणों के जरिए दर्शकों को नौसेना के वास्तविक युद्धक जीवन और समुद्री अभियानों की झलक मिलेगी।
TU-142 विमान और हेलीकॉप्टर भी होंगे शामिल
परियोजना के अगले चरण में नौसेना शौर्य वाटिका को और भव्य बनाया जाएगा। इसके तहत ओपन एयर म्यूजियम में भारतीय नौसेना के TU-142 विमान और SK-42B हेलीकॉप्टर को भी स्थापित किया जाएगा।
इन युद्धक विमानों और हेलीकॉप्टरों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों और युवाओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है।

पर्यटन और देशभक्ति का नया केंद्र बनेगा संग्रहालय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संग्रहालय सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और सैन्य सेवाओं के प्रति सम्मान की भावना भी बढ़ाएगा।
यहां आने वाले छात्र और युवा भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता, युद्ध कौशल और समर्पण को करीब से समझ सकेंगे।
लखनऊ में इस तरह का नौसेना संग्रहालय बनने से राजधानी का पर्यटन मानचित्र भी और मजबूत होगा।
करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2366.92 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी।
परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया गया —
- ओपन म्यूजियम के लिए 939.76 लाख रुपये
- इंटरप्रिटेशन सेंटर के लिए 1427.16 लाख रुपये
बाद में नई डिजाइन और प्रथम चरण के कार्यों को शामिल करते हुए संशोधित आगणन कराया गया, जिसके तहत 2317.95 लाख रुपये की मंजूरी मिली।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में TU-142 विमान की स्थापना और क्यूरेशन कार्य के लिए 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है।

भारतीय नौसेना और पर्यटन विभाग का संयुक्त प्रयास
यह परियोजना भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तैयार की गई है।
सरकार का उद्देश्य है कि लोग सिर्फ किताबों में नहीं बल्कि वास्तविक सैन्य उपकरणों और युद्धक प्रणालियों को देखकर भारतीय नौसेना की ताकत को समझ सकें।
संग्रहालय में प्रदर्शित हर वस्तु समुद्र में नौसैनिक जीवन के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार सिंह, जिलाधिकारी लखनऊ विषाख जी और भारतीय नौसेना की ओर से कोमोडोर एस. दुरई बाबू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अब जैसे-जैसे लोकार्पण की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे राजधानी लखनऊ में इस अनोखे नौसेना संग्रहालय को लेकर उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्थान न सिर्फ पर्यटन का नया केंद्र बनेगा बल्कि देशभक्ति और सैन्य गौरव का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
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