उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित चकिया टोल प्लाजा से 6.94 कुंतल गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1.73 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तस्कर असम से यूपी और बिहार में सप्लाई करने जा रहे थे।
लखनऊ/पूर्वी चंपारण। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले स्थित चकिया टोल प्लाजा से लगभग 6.94 कुंतल गांजा बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.73 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई को यूपी एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से गांजा से भरा ट्रक, मोबाइल फोन, नकदी और कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान
एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
-
मो. मिसराज पुत्र सुकुल, निवासी ग्राम महुआमा, पोस्ट डिडौली, जनपद अमरोहा, उत्तर प्रदेश।
-
अलेम हेसम पुत्र मारकस हेसम, निवासी ग्राम पोस्ट कुशुबारी हाजी, जनपद उदलगुड़ी, असम।
दोनों आरोपियों को 14 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित चकिया टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया।
ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
एसटीएफ के मुताबिक तस्कर ट्रक नंबर HR 21 BF 5051 में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। टीम ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें करीब 6.94 कुंतल गांजा बरामद हुआ।
बरामद सामान में—
-
लगभग 6.94 कुंतल गांजा
-
एक ट्रक
-
तीन मोबाइल फोन
-
दो आधार कार्ड
-
एक वोटर आईडी कार्ड
-
एक पैन कार्ड
-
एक एटीएम कार्ड
-
दो ठेला नंबर
-
700 रुपये नकद
भी शामिल हैं।
कई दिनों से STF को मिल रही थी सूचना
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार पिछले काफी समय से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसी के चलते विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लखनऊ श्री सत्यसेन यादव के पर्यवेक्षण में टीम लगातार इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
14 मई को सूचना मिली कि असम के उदलगुड़ी जिले से एक ट्रक में भारी मात्रा में अवैध गांजा बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम सक्रिय हो गई।
बिहार STF के साथ मिलकर की गई कार्रवाई
यूपी एसटीएफ की टीम ने बिहार एसटीएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए चकिया टोल प्लाजा पर घेराबंदी की।
टीम में उपनिरीक्षक गौरव सिंह यादव, शशांक सिंह, विजेंद्र नाथ राय और नीरज कुमार भी शामिल थे। संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तार आरोपी मो. मिसराज ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि असम के उदलगुड़ी जिले के रहने वाले भूट्ट, मंगल, अलेरो और विनोद झा ने ट्रक में गांजा लोड कराया था।
उसने बताया कि मुरादाबाद के जिलानी, आरिफ और सद्दाम नामक लोगों के कहने पर यह गांजा सप्लाई किया जा रहा था।
आरोपी के मुताबिक शुरुआत में गांजा दरभंगा और मुजफ्फरपुर में सप्लाई करने की योजना थी, लेकिन सही कीमत नहीं मिलने पर इसे गोरखपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी की गई।
एक लाख रुपये में तय हुई थी डील
पूछताछ में यह भी सामने आया कि मो. मिसराज को गांजा सुरक्षित अमरोहा पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये दिए जाने थे, जबकि उसके साथी अलेम हेसम को 25 हजार रुपये मिलने थे।
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार इस तरह की तस्करी कर चुका है और गिरोह बिहार व उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय है। जहां बेहतर कीमत मिलती थी, वहां गांजा सप्लाई कर दिया जाता था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पटना, बिहार में क्राइम नंबर 05/2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20/25/29 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चेन की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
COMMENTS