बांदा में STF की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बांदा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी शौक अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की तलाश कई पुलिस टीमें कर रही थीं। आखिरकार रविवार देर रात एसटीएफ प्रयागराज यूनिट ने उसे बांदा के बबेरू इलाके से दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शौक अंसारी पुत्र चदीद उर्फ वाहिद अंसारी निवासी बांदा रोड, कस्बा एवं थाना नरैनी, जनपद बांदा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत चोरी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध के कई मामले दर्ज हैं।
बबेरू की सुनार गली से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ के अनुसार, 18 मई 2026 की रात करीब 9 बजकर 5 मिनट पर अभियुक्त को बबेरू थाना क्षेत्र स्थित बीआरसी स्कूल के सामने सुनार गली से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि STF को इनपुट मिला था कि शौक अंसारी बांदा क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया गया।
इस कार्रवाई को एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज के पुलिस उपाधीक्षक के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व निरीक्षक जय प्रकाश राय कर रहे थे। ऑपरेशन में निरीक्षक अमित कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी मनोज जायस, अरुण सिंह यादव और आरक्षी चालक अखंड प्रताप पाण्डेय शामिल रहे।
काफी समय से फरार था आरोपी
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, शौक अंसारी काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। उसके खिलाफ थाना नरैनी में वर्ष 2026 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर प्रशासन ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
एसटीएफ को लगातार फरार और इनामी अपराधियों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बांदा में सक्रिय टीम को जैसे ही शौक अंसारी की मौजूदगी की जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूले कई अपराध
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शौक अंसारी ने कई अहम खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2025 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इन मामलों में बांदा जिले के अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले जेल भी जा चुका है।
उसने स्वीकार किया कि उसके और उसके साथियों के खिलाफ वर्ष 2026 में थाना नरैनी में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। तभी से वह फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी लंबा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शौक अंसारी पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ नरैनी, बबेरू और बिसंडा थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमों में आर्म्स एक्ट, बीएनएस की विभिन्न धाराएं और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी क्षेत्र में सक्रिय अपराधी गिरोह का हिस्सा था और लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
स्थानीय पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को थाना नरैनी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने उसे संबंधित मुकदमे में दाखिल करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बांदा में अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश
शौक अंसारी की गिरफ्तारी को बांदा पुलिस और STF की बड़ी सफलता माना जा रहा है। हाल के महीनों में जिले में संगठित अपराध और चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस पर लगातार दबाव था। ऐसे में एक बड़े इनामी अपराधी की गिरफ्तारी से पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
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