उत्तर प्रदेश STF को बड़ी सफलता मिली है। अयोध्या का ₹50 हजार का इनामी और 5 वर्षों से फरार चल रहा गैंगस्टर आदिल अंसारी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र छीनने वाली गैंग का सक्रिय सदस्य था और पहचान छिपाकर मुंबई में रह रहा था।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अयोध्या जनपद से पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहे ₹50,000 के इनामी अभियुक्त आदिल अंसारी को STF ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित था और लगातार अपनी पहचान व ठिकाना बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था।
STF ने उसे महाराष्ट्र के मुंबई स्थित घाटकोपर इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ अयोध्या के थाना कोतवाली नगर में कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर अयोध्या लाया जा रहा है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घाटकोपर से हुई गिरफ्तारी
STF के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त आदिल अंसारी पुत्र नस्रुल्ला अंसारी मूल रूप से अयोध्या के सुभाष नगर, असफाकउल्ला कॉलोनी, पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र का निवासी है। फरारी के दौरान वह मुंबई के घाटकोपर इलाके में मोमिनपुरा चौल, मक्का मस्जिद के पास नाम और पता बदलकर रह रहा था।
16 मई 2026 को STF टीम ने गुप्त सूचना और अभिसूचना संकलन के आधार पर घाटकोपर थाना के मेन गेट के पास जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी शाम 4:40 बजे की गई।
STF की टीम ने चलाया विशेष अभियान
उत्तर प्रदेश STF को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि यूपी के कई वांछित और इनामी अपराधी दूसरे राज्यों में छिपकर फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो रहे हैं। इसके बाद STF की विभिन्न इकाइयों को ऐसे अपराधियों की तलाश में लगाया गया।
अयोध्या STF फील्ड यूनिट ने पुलिस उपाधीक्षक प्रवेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में विशेष अभियान शुरू किया। उपनिरीक्षक सुनील कुमार तिवारी के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी नीरज सिंह, कमांडो राजकुमार यादव, आरक्षी विनय प्रकाश राय और चालक सर्वेश यादव की टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान पता चला कि आदिल अंसारी मुंबई में पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना मिलते ही STF टीम मुंबई पहुंची और निगरानी के बाद आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में खोले कई राज
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आदिल अंसारी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात “मोनू” नाम के व्यक्ति से हुई थी। मोनू ने उसे ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया और अपने गैंग में शामिल कर लिया।
आदिल ने बताया कि मोनू बाइक चलाता था जबकि वह सुनसान रास्तों पर बुजुर्ग और कमजोर महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र छीनने का काम करता था। गैंग मुख्य रूप से ऐसी महिलाओं को निशाना बनाता था जो अकेली होती थीं।
उसने कबूल किया कि कई वारदातों को अंजाम देने के बाद उसे डर सताने लगा कि पुलिस कभी भी उसे गिरफ्तार कर सकती है। लगातार पुलिस दबिश बढ़ने पर वह अयोध्या छोड़कर मुंबई भाग गया और वहां छिपकर रहने लगा।
गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज
आदिल अंसारी के खिलाफ अयोध्या में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराएं शामिल हैं।
दर्ज मुकदमे:
-
मु0अ0सं0 456/2021 – धारा 392 IPC, थाना कोतवाली नगर, अयोध्या
-
मु0अ0सं0 458/2021 – धारा 392 IPC, थाना कोतवाली नगर, अयोध्या
-
मु0अ0सं0 77/2022 – धारा 3(1) यूपी गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम
STF के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार था, जिसके चलते उस पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
STF ने आरोपी को मुंबई की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उसे अयोध्या लाया जाएगा, जहां स्थानीय पुलिस आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई करेगी।
पुलिस अब आरोपी के गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुट गई है। STF को आशंका है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी अलग-अलग राज्यों में छिपे हो सकते हैं।
COMMENTS