उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती और गैंगवार जैसी कई वारदातों को अंजाम देने वाला एक लाख रुपये का इनामी अपराधी जुबेर मेरठ में STF के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार वह एक और बड़ी हत्या की साजिश रच रहा था।
मेरठ में STF का बड़ा एक्शन, आतंक का दूसरा नाम बना जुबेर मुठभेड़ में ढेर
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से दहशत का पर्याय बना हुआ कुख्यात अपराधी जुबेर आखिरकार पुलिस और एसटीएफ के शिकंजे से बच नहीं सका। हत्या, लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसी तीन दर्जन से अधिक जघन्य वारदातों में शामिल इस एक लाख के इनामी बदमाश की मंगलवार देर रात मेरठ में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई। गोली लगने से घायल जुबेर को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मुठभेड़ मेरठ के थाना लोहियानगर क्षेत्र स्थित अलीपुर रोड के पास एक बंद फैक्ट्री के नजदीक हुई। बताया जा रहा है कि अपराधी किसी बड़े व्यापारी की हत्या की साजिश रच रहा था और अपने साथियों का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान STF ने उसे घेर लिया।
कौन था जुबेर?
मारा गया अपराधी Zuber अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के गांव नौशा का रहने वाला था। उसका वर्तमान पता दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में बताया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम वर्षों से संगठित अपराध, लूट, हत्या और गैंगवार की घटनाओं में शामिल रहा है। अलीगढ़ पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जुबेर केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि एक सक्रिय गिरोह का सरगना था, जो उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कई गंभीर वारदातों को अंजाम दे चुका था।
कैसे हुई मुठभेड़?
Uttar Pradesh Special Task Force को पिछले कई दिनों से इनामी और वांछित अपराधियों की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत STF की विभिन्न इकाइयों को सक्रिय किया गया था।
एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की टीम निरीक्षक विमल कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में काम कर रही थी। टीम में निरीक्षक महावीर यादव, निरीक्षक दीपक सिंह, उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर टीम को पता चला कि जुबेर मेरठ-हापुड़ रोड से अलीपुर जाने वाले रास्ते पर अपने साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है।
जैसे ही STF की टीम बंद फैक्ट्री के पास पहुंची, वहां दो संदिग्ध युवक हथियारों के साथ दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि बदमाशों ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद जवाबी कार्रवाई में STF ने भी गोली चलाई। इसी दौरान एक गोली जुबेर को लगी जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में हुई मौत
घायल जुबेर को तुरंत मेडिकल कॉलेज मेरठ ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
मुठभेड़ के बाद मौके से दो पिस्टल, कई जिंदा और खोखा कारतूस तथा एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई।
बरामद सामान:
-
2 पिस्टल (.32 बोर)
-
10 खोखा कारतूस
-
5 जिंदा कारतूस
-
अपाचे मोटरसाइकिल (MP 33 ZD 1608)
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी शिक्षक हत्याकांड में था वांछित
जुबेर का नाम 24 दिसंबर 2025 को हुए चर्चित हत्या कांड में सामने आया था। पुलिस के अनुसार उसने अपने साथियों के साथ मिलकर Rao Danish Hilal की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यह घटना अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई थी और इस मामले में उसके खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी केस में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
2018 में छात्र की हत्या में भी था शामिल
जुबेर का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। वर्ष 2018 में वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र शावेज की हत्या में भी आरोपी था।
इसके अलावा उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे।
दिल्ली और अलीगढ़ के कई थानों में उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
इलाके में फैली दहशत और राहत दोनों
जुबेर का नाम सुनते ही कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन जाता था। व्यापारी वर्ग और स्थानीय लोग लंबे समय से उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
मुठभेड़ के बाद जहां एक तरफ पुलिस और STF ने राहत की सांस ली, वहीं कई लोग इसे अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं।
हालांकि, पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में भी जुट गई है।
STF ने दिखाई बहादुरी
एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान टीम ने अत्यंत साहस और संयम का परिचय दिया। साथ ही मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया।
इस मामले में थाना लोहियानगर, मेरठ में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
COMMENTS