लखनऊ में जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध कब्जों पर सख्त रुख अपनाया और अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान बच्चों के प्रति उनका संवेदनशील और प्रेरक रूप भी देखने को मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान एक-एक कर सभी प्रार्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर निरंतर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

‘जनता दर्शन’ में अवैध कब्जे से जुड़े कई मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर भी फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी जाएं और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। सीएम योगी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को न्याय दिलाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और मानवीय पक्ष भी सामने आया। एक महिला अपने बीमार बच्चे के साथ जनता दर्शन में पहुंचीं, जिनके बच्चे का इलाज केजीएमयू में चल रहा है। महिला ने आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “प्रदेश के 25 करोड़ लोग मेरा परिवार हैं। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा।”

जनता दर्शन में बच्चों की मौजूदगी ने माहौल को भावुक कर दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री को सैल्यूट किया, जिस पर सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए उसे आशीर्वाद दिया और कहा—“खूब मन लगाकर पढ़ाई करो।” मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी दी।
एक अन्य बच्ची ने मुख्यमंत्री को देशभक्ति से भरी कविता सुनाई—
“हम शेर बच्चे हैं… हम बड़े होकर देश की शान बढ़ाएंगे, जय हिंद।”
बच्ची की कविता से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की और स्कूल में दाखिले के निर्देश भी दिए।
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