योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन 27 मीट्रिक टन से बढ़कर 500 मीट्रिक टन के करीब पहुँचा, सिल्क एक्सपो-2026 में दिखी आत्मनिर्भर यूपी की झलक।
योगी सरकार के दूरदर्शी प्रयासों से उत्तर प्रदेश का रेशम उद्योग एक नई पहचान और नई ऊँचाइयाँ हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन प्रदेश के मंत्री राकेश सचान ने किया। इस अवसर पर रेशम उद्योग से जुड़े किसानों, बुनकरों, उद्यमियों और विशेषज्ञों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्री राकेश सचान और नरेन्द्र कश्यप द्वारा रेशम उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 16 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विभागीय उपलब्धियों को रेखांकित करती ‘रेशम मित्र-2025’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया, जिससे रेशम विकास योजनाओं को नई दिशा और गति मिली।

सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में रेशम उत्पादन, जो कभी मात्र 27 मीट्रिक टन था, आज बढ़कर 450-500 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। रेशम उद्योग अब किसानों, बुनकरों और उद्यमियों को स्थायी रोजगार प्रदान कर रहा है। मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से रेशम प्रसंस्करण अवसंरचना और अधिक सशक्त हुई है।
अब तक 1,630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी जा चुकी है, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के तहत अगले 10 वर्षों में 13,500 किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 9,000 एकड़ में शहतूत वृक्षारोपण और 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

रेशम मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, मॉनिटरिंग और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रेशम उद्योग में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। सिल्क एक्सपो-2026 में विभिन्न राज्यों के शुद्ध रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 06 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
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