लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा के भीतर शिकायतों का समाधान करने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। इस दौरान हापुड़ से आई एक छात्रा से उनकी बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जहां मुख्यमंत्री ने उसकी पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिलाया।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश: जनता की समस्याओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर जरूरतमंद तक पहुंचे सरकार की मदद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक ओर जहां मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी, वहीं दूसरी ओर उन्होंने शिक्षा और गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य को लेकर अपनी संवेदनशीलता का भी परिचय दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सामाजिक सहायता और अन्य विभागों से संबंधित अनेक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी मामले में अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
जनता की समस्याओं के प्रति सरकार की गंभीरता
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को न्याय मिले और उसकी समस्याओं का समय पर समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर ध्यान देते हुए कहा कि इन मामलों में अक्सर शिकायतें लंबित रहने की स्थिति सामने आती है। ऐसे में संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि सभी प्रकरणों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि शासन और प्रशासन का दायित्व केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
छह महीने से अधिक लंबित मामलों की होगी समीक्षा
जनता दर्शन में आए कई राजस्व संबंधी मामलों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि छह महीने से अधिक समय से लंबित पड़े मामलों की विशेष समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी मामले के निस्तारण में वास्तविक और न्यायोचित कारणों के बिना देरी की गई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि जनता के हितों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उनके इस निर्देश को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना प्रशासन की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के उपचार, सहायता और पुनर्वास के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर खुशी आती है, तभी शासन और प्रशासन की भूमिका सार्थक होती है। अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि सेवा भाव से करना चाहिए।
हापुड़ की बच्ची से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा भावुक क्षण भी सामने आया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हापुड़ से आई एक छात्रा अपने अभिभावक के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी।
बातचीत के दौरान छात्रा ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और पढ़ाई में आने वाली परेशानियों का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से उससे पूछा कि वह किस कक्षा में पढ़ती है। छात्रा ने बताया कि वह कक्षा सात की छात्रा है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्ची को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “बेटा! तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो।”
मुख्यमंत्री के इन शब्दों ने वहां उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने छात्रा के अभिभावक से भी कहा कि बच्चों की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षित बच्चा ही सशक्त भारत की नींव होता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उपचार से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का संदेश
जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार जनसरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक ओर उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय भी दिया।
जनता दर्शन में उठाए गए मुद्दों और मुख्यमंत्री के निर्देशों से यह संकेत मिला कि सरकार प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी समान महत्व दे रही है। विशेष रूप से हापुड़ की छात्रा से हुई बातचीत ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
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