गाजियाबाद में विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि रेडक्रॉस को समाज में विश्वास का प्रतीक बनना होगा। नवगठित कार्यकारिणी समिति को नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में मानव बंधुत्व की थीम के साथ जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया गया।
विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, गाजियाबाद शाखा की नवगठित कार्यकारिणी समिति द्वारा एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गाजियाबाद के जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने की। इस अवसर पर समाजसेवा, मानवता और जरूरतमंदों की सहायता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में रेडक्रॉस की नई कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत रेडक्रॉस सोसाइटी के संस्थापक जॉन हेनरी ड्यूनेंट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। हर वर्ष 08 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस उनके जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “मानव बंधुत्व” निर्धारित की गई, जिसका उद्देश्य समाज में सहयोग, करुणा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है।

कार्यक्रम में नव नियुक्त सभापति डॉ. अंजुल अग्रवाल, सचिव डॉ. किरण गर्ग, डिप्टी सीएमओ सहित नवगठित कार्यकारिणी समिति के सदस्य उपस्थित रहे। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज में अनेक ऐसे लोग हैं जो असहाय और जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनकी सहायता सही व्यक्ति तक किस माध्यम से पहुंचेगी। ऐसे में रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस को समाज में ऐसा विश्वास कायम करना होगा कि संस्था के माध्यम से दी गई सहायता पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संस्था जनता के बीच विश्वास और संवेदनशीलता का माहौल तैयार करती है, तो समाज के सक्षम लोग भी आगे बढ़कर मदद करेंगे।
जिलाधिकारी ने रेडक्रॉस की नवगठित कार्यकारिणी समिति को निर्देश दिए कि वे जल्द ही एक नई और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें, जिससे संस्था की गतिविधियों को जनपद में और अधिक सक्रिय एवं प्रभावशाली बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस केवल आपदा या स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है।

उन्होंने जिले के सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, स्वयंसेवी समूहों और आम नागरिकों से अपील की कि वे रेडक्रॉस को मजबूत बनाने में सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसहयोग के बिना कोई भी सामाजिक संस्था लंबे समय तक प्रभावी तरीके से काम नहीं कर सकती।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस गाजियाबाद शाखा की ब्रांड एंबेसडर डॉ. ऋचा सूद ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस का उद्देश्य केवल राहत कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सेवा की भावना को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने युवाओं से रेडक्रॉस के साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों में भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकारिणी सदस्य डॉ. बालिगा, श्रीमती शील वर्मा, श्री तुषार जैन, श्रीमती पूनम शर्मा, श्री धर्मवीर गुप्ता, श्री विनोद कुमार और मेजर डॉ. प्राची गर्ग सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले समय में रेडक्रॉस को जिले के प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

संगोष्ठी में स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा राहत, रक्तदान जागरूकता, गरीब मरीजों की सहायता और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि रेडक्रॉस की गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा ताकि सहायता कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और अधिक लोग संस्था से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि नवगठित कार्यकारिणी समिति गाजियाबाद में रेडक्रॉस की गतिविधियों को नई दिशा और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और रेडक्रॉस इसी भावना को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सामाजिक जागरूकता का माध्यम बना बल्कि यह संदेश भी दे गया कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है।
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