नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही से चोरी के तीन ई-रिक्शा बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे ई-रिक्शा चोरी कर उनकी बैटरियां बेच देते थे और पैसों को मौज-मस्ती में खर्च करते थे।
नोएडा में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच थाना सेक्टर-63 पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही से चोरी के तीन ई-रिक्शा बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद वे ई-रिक्शा की बैटरियां निकालकर बेच देते थे और बाकी वाहन को भी ठिकाने लगाने की तैयारी में थे।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 10 मई 2026 को की गई। थाना सेक्टर-63 पुलिस टीम ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर एफएनजी गोलचक्कर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित यादव, शिवम नागर और शशि भूषण ठाकुर के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी काफी समय से ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं में सक्रिय थे। इनकी गतिविधियों की सूचना लगातार पुलिस को मिल रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और आखिरकार तीनों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी अंकित यादव पुत्र सुरेन्द्र यादव ग्राम छिजारसी, थाना सेक्टर-63, गौतमबुद्धनगर का रहने वाला है। उसकी उम्र लगभग 22 वर्ष है और वह 10वीं पास है। दूसरा आरोपी शिवम नागर पुत्र सुभाष चन्द्र भी ग्राम छिजारसी का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 21 वर्ष बताई गई है। वह 8वीं तक पढ़ा है। तीसरा आरोपी शशि भूषण ठाकुर मूल रूप से बलिया जिले के बहादुरपुर देवकली गांव का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में ग्राम छिजारसी में रह रहा था। उसकी उम्र लगभग 24 वर्ष है और वह 10वीं पास बताया गया है।

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अंकित यादव ने खुलासा किया कि उसने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि चोरी करने के बाद वे ई-रिक्शा को कुछ दिनों तक छिपाकर रखते थे और फिर उसे बेचने की योजना बनाते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि चोरी की गई तीनों ई-रिक्शाओं की बैटरियां उन्होंने निकाल ली थीं। बाद में इन बैटरियों को रास्ते में घूम रहे एक फेरी वाले को बेच दिया गया। बैटरी बेचकर मिले पैसों को तीनों ने आपस में बराबर बांट लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वह रकम खाने-पीने, घूमने-फिरने और मौज-मस्ती में खर्च कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से बरामद तीनों ई-रिक्शा चोरी के हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने और कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही उस फेरी वाले की भी तलाश की जा रही है, जिसे चोरी की बैटरियां बेची गई थीं।
इस मामले में थाना सेक्टर-63 में मुकदमा संख्या 177/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2) और 317(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नोएडा और आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा चोरी की घटनाएं पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही थीं। कई ई-रिक्शा चालक अपनी गाड़ियां चोरी होने के बाद परेशान थे। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ई-रिक्शा चोरी करने वाले गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अलावा लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के साथ उनकी चोरी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई अपराधी बैटरी और पार्ट्स बेचकर जल्दी पैसा कमाने के लिए ऐसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। क्योंकि ई-रिक्शा की बैटरियां बाजार में अच्छी कीमत पर बिक जाती हैं, इसलिए वाहन चोर इन्हें आसान निशाना बना रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन आरोपियों को नहीं पकड़ा जाता तो इलाके में चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती थीं।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में और भी चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है। साथ ही पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
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