नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है जो रात के अंधेरे में मॉल, रेस्टोरेंट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाकर लैपटॉप चोरी करता था। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 31 चोरी के लैपटॉप, नकदी, फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
नोएडा में लैपटॉप चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 31 लैपटॉप के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लैपटॉप चोरी करने वाले एक संगठित गैंग का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी के 31 लैपटॉप, तीन लैपटॉप बैग, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, 14 हजार रुपये नकद और फर्जी नंबर प्लेट लगी चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग देर रात मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाता था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से कुछ ही सेकंड में कार का शीशा तोड़कर अंदर रखे लैपटॉप चुरा लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे।

11 मई को हुई बड़ी कार्रवाई
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 11 मई 2026 को ग्राम सोरखा इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम को काफी समय से इस गैंग की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों और चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष निगरानी शुरू की थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
-
लविश कुमार पुत्र लाला सिंह, निवासी ग्राम पतवाड़ी, थाना बिसरख, गौतमबुद्धनगर, उम्र 22 वर्ष
-
अंकित यादव पुत्र जिले सिंह, निवासी ग्राम पतवाड़ी, थाना बिसरख, गौतमबुद्धनगर, उम्र 24 वर्ष
-
राजेन्द्र वर्मा पुत्र महावीर वर्मा, निवासी ग्राम गनीपुर, थाना पीपरपुर, अमेठी। वर्तमान पता सादुल्लापुर, थाना इकोटेक-3, गौतमबुद्धनगर, उम्र 40 वर्ष
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। सबसे पहले वे पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की रेकी करते थे। छोटी टॉर्च की मदद से कार के अंदर रखे लैपटॉप बैग और अन्य कीमती सामान की पहचान की जाती थी।
इसके बाद आरोपी अपने पास मौजूद विशेष पोर्टेबल शीशा तोड़ने वाली मशीन से कार का शीशा कुछ ही सेकंड में तोड़ देते थे। शीशा टूटते ही लैपटॉप बैग उठाकर मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए लैपटॉपों को आरोपी सुनसान जगहों पर छिपाकर रखते थे और मौका मिलने पर उन्हें बेच देते थे। बिक्री से मिलने वाली रकम को तीनों आपस में बांट लेते थे और उसे खाने-पीने व अन्य व्यक्तिगत खर्चों में इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया गया है:
-
चोरी के 31 लैपटॉप
-
03 लैपटॉप बैग
-
चोरी में इस्तेमाल होने वाली टॉर्च
-
शीशा तोड़ने वाली पॉकेट मशीन
-
01 हेल्थ कार्ड
-
₹14,000 नकद
-
फर्जी नंबर प्लेट सहित चोरी की 01 मोटरसाइकिल
पुलिस का मानना है कि बरामद लैपटॉप कई अलग-अलग चोरी की घटनाओं से जुड़े हो सकते हैं। बरामद सामान के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंग के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों पर सेक्टर-113, बीटा-2, सेक्टर-39 और सूरजपुर थानों में चोरी और वाहन क्षति से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) और 324(4) के तहत मुकदमे पंजीकृत हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग ने नोएडा और आसपास के इलाकों में कितनी बड़ी संख्या में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।
पार्किंग में वाहन खड़ा करते समय बरतें सावधानी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों में लैपटॉप, मोबाइल, बैग या अन्य कीमती सामान खुला छोड़कर न जाएं। खासतौर पर मॉल, रेस्टोरेंट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन पार्क करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी उन्हीं वाहनों को निशाना बनाते थे जिनमें बाहर से महंगा सामान दिखाई देता था।
गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
थाना सेक्टर-113 पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के सामान खरीदने वाले लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो चोरी के इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद-फरोख्त करता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
COMMENTS