फतेहपुर में समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विकास योजनाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान हितों और ‘विकसित भारत’ लक्ष्य को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को सर्किट हाउस फतेहपुर में जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांव, गरीब और किसानों के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावी और ठोस रणनीति बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए तथा सोशल सेक्टर की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी बेहतर कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा लाई गई समस्याओं का समुचित समाधान किया जाए और यदि कोई विषय उनके स्तर से संभव न हो, तो उसे स्पष्ट रूप से बताकर जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट किया जाए। जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने और किसान हितों को सर्वोपरि रखने पर भी उन्होंने जोर दिया।
श्री मौर्य ने बताया कि प्रदेश में 3 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ दीदियों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है। प्रेरणा कैंटीन का विस्तार किया जाएगा तथा ब्लॉक परिसरों में खाली स्थानों पर दीदियों को स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने पीएम एफएमई योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में 5 करोड़ रुपये की लागत से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने, 35 प्रतिशत सब्सिडी और महिलाओं को 90 प्रतिशत सौर ऊर्जा सब्सिडी देने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक विकास खंड में 25 हजार महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, समूहों को सक्रिय रखने, स्कूल ड्रेस निर्माण में समूहों की भागीदारी, सीधे खातों में भुगतान, ग्राम चौपालों के नियमित आयोजन, अमृत सरोवरों के संरक्षण और ‘विकसित भारत’ व ‘स्मार्ट गांव’ लक्ष्य को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
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