लखनऊ में NABARD के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की बदली हुई अर्थव्यवस्था, किसानों को सीधे भुगतान, MSME विस्तार, सहकारिता सुधार और 2029-30 तक यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को विस्तार से रखा।
राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कृषि, सहकारिता, MSME और वित्तीय सुधारों को लेकर सरकार का विस्तृत विज़न प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “नियत साफ हो तो परिणाम भी स्पष्ट सामने आते हैं”, और आज उत्तर प्रदेश उसी का जीवंत उदाहरण बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने NABARD द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले FPOs को सम्मानित किए जाने की सराहना की और सुझाव दिया कि उनकी सक्सेस स्टोरी मंच पर प्रदर्शित होनी चाहिए, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों। उन्होंने कसेया मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह ग्रामीण क्षेत्र में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित मिल्क कलेक्शन मॉडल है, जिसे पहचान और मंच मिलने पर सामाजिक बदलाव की गति और तेज हो सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। पहली बार देश में कोऑपरेटिव मंत्रालय का गठन हुआ है। केंद्रीय बजट में लखपति दीदी को ‘शी-मार्ट’ से जोड़ने का प्रावधान किया गया है, जिससे उनके उत्पाद सीधे बाजार से जुड़ सकें।
2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तब न विकास था, न रोजगार और सहकारिता सेक्टर पर माफियाओं का कब्जा था। उस समय 16 जिला सहकारी बैंक डिफॉल्टर घोषित किए गए थे। आज इनमें से 15 बैंक मुनाफे में हैं और PACs की संख्या, टर्नओवर व क्रेडिट लिमिट बढ़ाई गई है।

MSME सेक्टर को ODOP योजना से नई जान मिली। यूपी देश का पहला राज्य है जो MSME को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा देता है। आज 96 लाख MSME यूनिट्स कार्यरत हैं और 3 करोड़ परिवार इससे जुड़े हैं।
किसानों को 16 लाख ट्यूबवेल पर मुफ्त बिजली, नहरों से लगभग मुफ्त सिंचाई और 1 लाख किसानों को सोलर पैनल दिए गए हैं। ई-KCC से अब 5 मिनट में ऋण मिल रहा है और AI कृषि प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है।

गन्ना किसानों को 2000–2017 में ₹2.14 लाख करोड़, जबकि 2017–2025 में ₹3 लाख करोड़ का भुगतान हुआ। यूपी इथेनॉल, गन्ना और चीनी उत्पादन में देश में नंबर एक है। MSP और अन्य भुगतान DBT से सीधे खाते में जा रहे हैं।
यूपी लगातार 5 वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस है, टैक्स रेवेन्यू में 60% वृद्धि हुई है और पेट्रोल-डीजल पर सबसे कम VAT है। 2016 में ₹11.7 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था 2026 तक ₹36 लाख करोड़ पहुंचने की ओर है। CD रेशियो 43% से 61% हुआ है, 2026-27 के लिए लक्ष्य 65% तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सही नीति, नीयत और नेतृत्व से ही ऐसे ऐतिहासिक परिणाम संभव होते हैं।
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